
19 Jan : हाइवे पर गाड़ी लेकर निकलने वालो के लिए बड़ी खबर. टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों और ‘चिल्लर’ के चक्कर में होने वाली माथापच्ची से अब हमेशा के लिए छुटकारा मिलने वाला है. केंद्र सरकार टोल टैक्स वसूलने के पुराने तरीके को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है.
अप्रैल से खत्म होगा कैश का झंझट
जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल से देश के टोल प्लाजा पर कैश में भुगतान करने की सुविधा बंद की जा सकती है. सरकार का सीधा लक्ष्य टोल प्लाजा को पूरी तरह ‘कैशलेस’ बनाना है. इसका मतलब यह है कि अब आपको अपनी जेब में नकद पैसे रखने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सारा खेल डिजिटल होगा.
क्यों लिया गया फैसला?
अक्सर देखा जाता है कि टोल प्लाजा पर एक गाड़ी के कैश पेमेंट करने के चक्कर में पीछे सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है. कभी छुट्टे पैसों को लेकर ड्राइवर और टोल कर्मी के बीच बहस होती है, तो कभी रसीद कटने में वक्त लगता है. इस नई व्यवस्था से ये सारी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी. डिजिटल पेमेंट होने से गाड़ियां बिना रुके या बहुत कम समय में टोल पार कर सकेंगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.
डिजिटल इकोनॉमी की ओर बड़ा कदम
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर के अनुसार, देश में डिजिटल लेन-देन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. सरकार चाहती है कि टोल सिस्टम को भी पूरी तरह आधुनिक बनाया जाए. जब हर चीज डिजिटल होगी, तो धांधली की गुंजाइश कम होगी और हर एक पैसे का रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से सरकार के पास मौजूद रहेगा.
बता दें कि शुरुआत में जब यूपीआई को टोल पर आजमाया गया था, तो लोगों ने इसे काफी पसंद किया था. इसी सफलता को देखते हुए अब इसे अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं. हालांकि, विभाग की ओर से अभी औपचारिक नोटिफिकेशन का इंतजार है, लेकिन तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.







