
Russia Ukraine Conflict , 31 Dec : दुनिया के सबसे बड़े देश रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजकीय आवास पर 28-29 दिसंबर की रात को ड्रोन हमला हुआ, हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई. इस घटना के बाद भारत और चीन जैसे देशों ने चिंता जताई. वहीं, यूक्रेन ने इसे रूसी प्रोपेगैंडा बताया. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा- हमने वहां कोई हमला नहीं करवाया.
आज रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बयान जारी किया. सर्गेई लावरोव ने दावा किया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजकीय आवास पर यूक्रेन ने बड़ा ड्रोन हमला करने की कोशिश की. इसके लिए यूक्रेन ने लंबी दूरी के 91 ड्रोन भेजे थे. सभी ड्रोन रूसी एयर डिफेंस ने मार गिराए. आवास को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई घायल नहीं हुआ.
‘हर ड्रोन में 6 किलो विस्फोटक भरा था’
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कुछ ही देर पहले एक फुटेज जारी किया है. जिसमें बर्फ में पड़ा एक काला ड्रोन का मलबा दिख रहा है. लकड़ी के हिस्से और लाल तार भी नजर आ रहे हैं. रूस का दावा है कि हर ड्रोन में 6 किलोग्राम विस्फोटक भरा था. हमला ब्रायन्स्क, स्मोलेंस्क और नोवगोरोड क्षेत्रों से कई दिशाओं से किया गया था. यह सुनियोजित था.
यूक्रेन ने खारिज किया ड्रोन हमले का दावा
दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के इस दावे को पूरी तरह झूठ करार दिया है. यूक्रेन का कहना है कि यह आरोप शांति वार्ता को खराब करने के लिए लगाए गए हैं. कोई स्वतंत्र सबूत नहीं मिला है. स्थानीय लोगों ने भी हमले की कोई आवाज या गतिविधि नहीं सुनी.
डिप्लोमेटिक प्रयास सबसे अच्छा रास्ता: मोदी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजकीय आवास पर ड्रोन हमले की खबरों पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरी चिंता जताई है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि वे रूस के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाने की रिपोर्ट से बहुत चिंतित हैं. डिप्लोमेटिक प्रयास युद्ध खत्म करने और शांति के लिए सबसे अच्छा रास्ता हैं. सभी पक्षों से अपील की कि वे इन प्रयासों पर ध्यान दें और ऐसे काम न करें जो उन्हें कमजोर करें.
शांति वार्ता से पीछे नहीं हटेंगे हम: रूसी मंत्रालय
रूस ने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमले के बावजूद वह शांति वार्ता से पीछे नहीं हटेगा, लेकिन अपनी स्थिति पर फिर से विचार करेगा. यह दावा ऐसे समय आया, जब अमेरिका के साथ शांति बहाली की बातचीत चल रही है. रूस का कहना है कि ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. कई देशों ने ड्रोन हमले की निंदा की है.




