
New Delhi , 28 Nov : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत आ रहे हैं. यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर हो रहा है और इसे बेहद खास माना जा रहा है. इस दौरान तेल खरीद, रक्षा सहयोग और व्यापार जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.
पुतिन का दौरा खास क्यों है?
पुतिन की इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते इस समय संवेदनशील दौर में हैं. अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर टैरिफ लगाया था और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार बयान दे चुके हैं कि भारत को रूस से तेल खरीदना बंद करना चाहिए. इसके बावजूद भारत लगातार रूस से तेल खरीद रहा है. ऐसे में पुतिन का भारत दौरा रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है.
पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
इस यात्रा के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके सम्मान में डिनर देंगी. द्विपक्षीय बातचीत में ऊर्जा, रक्षा और व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर रहेगा.
विदेश मंत्री गए थे रूस
हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस गए थे. उस दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि पुतिन जल्द भारत यात्रा करेंगे. जयशंकर की यात्रा के कुछ ही दिनों बाद अब पुतिन भारत आ रहे हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती की उम्मीद है.
पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी भी दो बार रूस गए थे. जुलाई 2024 में उन्होंने दो दिन का दौरा किया था और अक्टूबर में BRICS समिट में शामिल होने के लिए रूस पहुंचे थे. उसी दौरान मोदी ने पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था. अब पुतिन का यह दौरा भारत-रूस संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है.







