जम्मू-कश्मीर 6 Nov : जम्मू-कश्मीर में शांति लौट रही है, लेकिन दुश्मन एक बार फिर गंदी चालें चलने की कोशिश में है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और उसकी सेना की SSG फिर से सक्रिय हो गई हैं।
LoC (लाइन ऑफ कंट्रोल) के पास ड्रोन की गतिविधि बढ़ गई है और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) फिदायीन (आत्मघाती) हमलों की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये संगठन ड्रोन के ज़रिए घाटी में हथियार और नशे की सप्लाई कर रहे हैं, ताकि वहां अशांति फैलाई जा सके।
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में ISI और आतंकी संगठनों की कई गुप्त बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में भारत के अंदर मौजूद स्लीपर सेल्स (छिपे हुए आतंकी नेटवर्क) को दोबारा सक्रिय करने की योजना बनाई गई है।
इसके साथ ही, पाकिस्तान ने अपनी BAT (बॉर्डर एक्शन टीम) को भी फिर से LoC के पार तैनात किया है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि ये टीमें जल्द ही घुसपैठ या हमला करने की कोशिश कर सकती हैं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान अब नशे और हथियारों की तस्करी से आतंकवाद को फंड कर रहा है। इसका मकसद घाटी के युवाओं को गुमराह कर हिंसा फैलाना है।
इन खतरों को देखते हुए भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी साजिश को समय पर रोका जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान इस समय राजनीतिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है। अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए वह भारत में अशांति फैलाना चाहता है।
इसी बीच भारत में चल रही त्रिशूल एक्सरसाइज के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता और बढ़ा दी है। एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान किसी भी वक्त LoC पर घुसपैठ या फिदायीन हमला कराने की कोशिश कर सकता है।
कश्मीर में इन दिनों पर्यटन और चुनावों की वजह से शांति और रौनक लौट रही है, लेकिन आतंकी संगठन इस माहौल को बिगाड़ने की कोशिश में हैं। एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बर्फबारी शुरू होने से पहले आतंकी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।




