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Delhi , 28 Oct : दिल्ली में दिवाली से पहले लोगों को 31 अक्टूबर तक अपने जरूरी काम निपटाने होंगे, क्योंकि 1 नवंबर से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए राजधानी में कई कड़ी पाबंदियां लागू होने जा रही हैं. इसका असर दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर से आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ेगा.
संक्षेप में कहें तो, 1 नवंबर से दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर कड़े नियम लागू हो रहे हैं जिसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, बाहर से आने वाली बीएस-6 से नीचे की गाड़ियों पर प्रतिबंध और पार्किंग फीस को दोगुना किया गया है. लोगों को सलाह दी जाती है कि वे दिवाली से पहले अपने जरूरी काम और यात्रा की योजना तदनुसार बनाएं.
31 अक्टूबर तक निपटा लें निर्माण और मरम्मत के काम
दिल्ली में 1 नवंबर से धूल उड़ाने वाले तोड़फोड़ के कामों और खुले में होने वाले सिविल निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी. त्योहार के समय लोग अक्सर घरों की मरम्मत या रंग-रोगन करवाते हैं, ऐसे में यदि कोई निर्माण कार्य चल रहा है, तो उसे समय रहते पूरा करना होगा. हालांकि, कुछ आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नियमों के तहत राहत मिल सकती है.
बाहरी राज्यों की पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर बैन
राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड बीएस-6 (BS-6) से नीचे की पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के प्रवेश और परिचालन पर रोक रहेगी. यह नियम 31 जनवरी तक प्रभावी रहेगा, जिससे एनसीआर से रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले उन चालकों को परेशानी हो सकती है जो पुरानी गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं.
दोगुनी चुकानी होगी पार्किंग फीस
दिवाली की खरीदारी के दौरान बाजारों में भीड़भाड़ और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से दिल्ली के अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा. हालांकि, राहत की बात यह है कि दिल्ली मेट्रो के पार्किंग स्थलों पर यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी.






