
New Delhi , 28 July : लोकसभा में सोमवार को केंद्रीय डॉ जितेंद्र सिंह ने एंटी पेपर लीक बिल पेश किया था. हालांकि उस दिन चर्चा शुरू नहीं हो सकी क्योंकि विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर अड़े रहे. आज इस बिल पर लंबी बहस हो रही है और माहौल बेहद गर्म है.
चर्चा का समय बढ़ा
शुरुआत में इस बिल पर छह घंटे चर्चा तय हुई थी. विपक्ष ने इसे बढ़ाकर आठ घंटे करने की मांग रखी. सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम 10 घंटे भी तैयार हैं. स्पीकर ओम बिरला ने सदन का रुख जानने के बाद ऐलान किया कि चर्चा पूरे 10 घंटे चलेगी.
फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान
संसद में डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस संशोधन के तहत स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे ताकि मामलों का निपटारा जल्दी हो. जांच दो महीने में पूरी होगी और ट्रायल तीन महीने में खत्म होगा. यानी वारदात से फैसले तक पांच महीने से ज्यादा समय नहीं लगेगा. अपील की प्रक्रिया भी 30 दिन में पूरी होगी और हाईकोर्ट में डबल बेंच से नीचे सुनवाई नहीं होगी.
सरकार की प्रतिबद्धता
उन्होंने कहा कि बिल पेश करने के साथ ही कानून मंत्री ने स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. नंदन नीलेकणि की अगुवाई में टास्क फोर्स बनाई गई है और राधाकृष्णन कमेटी की 46 सिफारिशों में से 35 लागू हो चुकी हैं. सरकार की नीति ईमानदार है और यह संशोधन उसी का हिस्सा है.
केंद्रीय मंत्री का कांग्रेस पर हमला
संसद में बोलते हुए डॉ जितेंद्र सिंह ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों और परीक्षाओं में पेपर लीक होते रहे हैं. उन्होंने 2009 के रेलवे भर्ती पेपर लीक और 2012 के एम्स एंट्रेंस पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी ठोस कदम नहीं उठाए. 1992 और 2010 में कमेटियों ने केंद्रीय परीक्षा बोर्ड बनाने की सलाह दी थी लेकिन कांग्रेस ने इसे नजरअंदाज किया.
NTA और नया कानून
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) बनाई और 2024 में पहली बार यह बिल लाया गया. जून 2024 से इसे लागू किया गया. इसका मकसद परीक्षा में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करना था. प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा इसलिए इस कानून को और मजबूत किया जा रहा है.
बिल पर विपक्ष का विरोध
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह बिल इसलिए आया है क्योंकि सरकार छात्रों के आंदोलन को दबा नहीं पाई. उन्होंने 20 जुलाई की रात हुए प्रदर्शन का जिक्र किया और कहा कि लोग डर खो चुके थे. पुलिस की लाठियों के बावजूद छात्र डटे रहे.
लोकतंत्र और क्रूरता
गोगोई ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र की ताकत दिखाई, वहीं सरकार की क्रूरता भी सामने आई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, लड़कियों पर हमला किया और एक बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर चोट पहुंचाई. उन्होंने कहा कि हम इसे भूलेंगे नहीं और गृह मंत्री का जवाब चाहते हैं.
बिहार का जिक्र
गोगोई ने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस ने AK-47 का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि यह बिल सरकार की मजबूरी है क्योंकि आंदोलन को कुचलने की कोशिश नाकाम रही.
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस तेज हो गई है. सरकार इसे छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए जरूरी बता रही है जबकि विपक्ष इसे आंदोलन दबाने की कोशिश से जोड़ रहा है. अगले कुछ घंटों में इस बहस से साफ होगा कि बिल पर किस तरह की सहमति बनती है.
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