
जम्मू-कश्मीर , 24 July : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में ऑन-ड्यूटी पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की नृशंस हत्या के बाद सुरक्षा बलों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. दरअसल अब खाकी पर हाथ डालने वाले आतंकियों को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरी घाटी में अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक ऑल-आउट ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
बता दें कि इस कड़े एक्शन के तहत लश्कर-ए-तैयबा के दो कुख्यात आतंकियों के पैतृक मकानों को तड़के नियंत्रण विस्फोट करके बारूद से उड़ा दिया गया है. इसके साथ ही आतंकियों को पनाह देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले 2,500 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
आधी रात लश्कर आतंकियों के उड़ाये ठिकाने(Anantnag Terror Crackdown)
अनंतनाग के व्यस्त लाल चौक बाजार में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद सुरक्षा बलों ने बिना एक सेकंड गंवाए सर्च ऑपरेशन शुरू किया. गुरुवार तड़के करीब 3 बजे सुरक्षा बलों की स्पेशल टीमों ने अनंतनाग जिले के गुरी गांव और बिजबिहारा के हसनपोरा तवेला में नाकेबंदी की.
यहां रहने वाले लश्कर-ए-तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकी आदिल अहमद थोकर और हारून रशीद गनई के घरों को पहले पूरी तरह खाली कराया गया और फिर कंट्रोल्ड एक्सप्लोसिव्स यानी बारूद लगाकर कुछ ही सेकंड में जमींदोज कर दिया गया. बता दें दोनों आतंकी 2018 से लश्कर के इशारे पर घाटी में खूनी खेल खेल रहे थे.
आदिल थोकर का घर दूसरी बार बना मलबे का ढेर
आपको बता दें कि आतंकी आदिल थोकर का घर सुरक्षा बलों के निशाने पर पहले भी रह चुका है. इससे पहले 22 अप्रैल 2025 को जब पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला हुआ था, तब भी सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए आदिल के इसी मकान को उड़ा दिया था.
2,500 से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर कस्टडी में
हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन की हत्या के पीछे छिपे पूरे आतंकी सिंडिकेट को खत्म करने के लिए पुलिस ने ऑल-आउट ड्राइव चला रखी है. पूरी कश्मीर घाटी से अब तक 2,500 से ज्यादा संदिग्धों, ओवर ग्राउंड वर्करों और आतंकियों के हमदर्दों को हिरासत में लिया गया है.
इसको लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये लोग आतंकियों को छिपने की जगह, नगदी, गाड़ियां, मोबाइल और लॉजिस्टिक मदद पहुंचाते थे. इस बार मकसद सिर्फ आतंकियों को मारना नहीं, बल्कि उन्हें पालने-पोसने वाले पूरे जमीनी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकना है.





