-1784290128116_v.webp)
मुंबई , 17 July : मुंबई में पेड़ गिरने की घटना, जिसमें 11 साल के एक बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में रिपोर्ट सामने आई है, लेकिन मेयर रितु तावड़े ने इस रिपोर्ट को फाड़ दिया।
मेयर रितु तावड़े ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए आज शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों से इस घटना की दोबारा जांच करने को कहा है।
मेयर ने ठेकेदारों को ठहराया जिम्मेदार
रितु तावड़े ने कहा, ‘कल हमने कॉरपोरेशन में सर्वसम्मति से प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। हमने रिपोर्ट की कॉपी फाड़ दी है और प्रशासन से दोबारा जांच करने और दोबारा जांच करने वाले पैनल में दो कॉरपोरेटर को शामिल करने के लिए कहा है।’
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) ने ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराया और अपने अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी।
11 साल के बच्चे की मौत
चेंबूर में 30 जून को स्कूल बस पर एक बड़ा पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी। छात्र के पिता गौरव श्रीवास्तव ने गुरुवार को एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में बताया, ‘हमें उम्मीद है कि रिपोर्ट के नतीजे से असंतोष है और दोबारा जांच होगी जो निष्पक्ष और पारदर्शी होगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।’
मेयर ने इस बात पर जोर दिया कि वह भी एक मां हैं और परिवार का दर्द समझती हैं। मेयर ने कहा, ‘मैं भी एक मां हूं। उनका बच्चा चला गया। उनका घर बर्बाद हो गया है और यह रिपोर्ट पीड़ित परिवार के लिए 7 लाख रुपये की कीमत तय करती है, जिसका मैं कड़ा विरोध करती हूं।’
मेयर ने आगे कहा, ‘मैंने मानसून से पहले उस सड़क का दौरा किया था और साइट इंजीनियर को कमजोर पेड़ों के बारे में चेतावनी दी थी। हमने एक कीमती जान गंवा दी और उन्होंने उसके लिए 7 लाख रुपये की कीमत तय कर दी। यह स्वीकार्य नहीं है।’
जांच समिति ने सौंपी रिपोर्ट
सोमवार को जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सड़क का काम करने वाले ठेकेदार पर 5 लाख रुपये और सुपरवाइजिंग कंसल्टेंट पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई। रिपोर्ट में सड़क और उद्यान विभाग की ओर से कोई लापरवाही नहीं पाई गई।
विहान के पिता ने इस रिपोर्ट पर कहा, ‘यह साबित होना चाहिए कि यह इंसानी लापरवाही का मामला है और इस काम से जुड़े पूरे सिस्टम के लोगों को सजा मिलनी चाहिए।’
विहान के पिता ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि इससे न्याय मिलेगा। साथ ही, कुछ नियम बनने चाहिए या प्रक्रियाओं में सुधार होना चाहिए ताकि अगले मानसून में किसी और के साथ ऐसा न हो।’


-1784279791157_v.webp)



