
जम्मू , 10 July : जम्मू संभाग में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 11-12 जुलाई को जम्मू संभाग, चिनाब घाटी और पीर पंजाल रेंज में गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश की संभावना है। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने संभाग के ऊंचाई वाले इलाकों में बिजली गिरने या फिर फलैश फ्लड के खतरे की भी संभावना जताई है।
11 जुलाई: कैसा रहेगा मौसम?
जम्मू में शनिवार सुबह से ही मौसम ने करवट बदल सकता है। तड़के 5:30 बजे से गरज के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है, जिसके बाद यह दिनभर रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। सुबह 9:30 बजे 29 डिग्री सेल्सियस, दोपहर 2:30 बजे 33-34 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचेगा। उमस के कारण ‘फील्स लाइक’ तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जम्मू में 7.13 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है। सुबह के समय बारिश की संभावना 64 प्रतिशत तक है। दोपहर बाद फिर से गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी।
कहां और कब-कब बरसेगा पानी
11-12 जुलाई: जम्मू संभाग के कई इलाकों में एक-दो बार बारिश/गरज के साथ बौछारें। चिनाब घाटी और पीर पंजाल रेंज के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और तीव्र बौछारों की आशंका है। 12 जुलाई को भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
13-16 जुलाई: जम्मू संभाग में आम तौर पर गर्मी और उमस बनी रहेगी। इस दौरान कुछ जगहों पर हल्की बारिश/गरज के साथ बौछारें और एक-दो जगह तेज बौछारें पड़ सकती हैं। 13-15 जुलाई के बीच तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
17-19 जुलाई: कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/गरज के साथ बौछारों का नया दौर शुरू होगा।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने विशेष बुलेटिन जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा है:
- भारी बारिश का समय: 11-12 जुलाई को दोपहर बाद और तड़के/सुबह के समय कुछ जगहों पर भारी बारिश या बहुत तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
- फ्लैश फ्लड-अलर्ट: चिनाब घाटी और पीर पंजाल रेंज के संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा है। नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
- वायु गुणवत्ता: फिलहाल जम्मू का AQI 172 ‘अस्वस्थ’ श्रेणी में है। बारिश के बाद हवा साफ होने की उम्मीद है।
प्रशासन की अपील: ये सावधानियां बरतें
- यात्रा टालें: खराब मौसम में पहाड़ी इलाकों, चिनाब घाटी और पीर पंजाल रेंज की यात्रा करने से बचें।
- नदी-नालों से दूर रहें: उफान पर आए नालों को पार करने की कोशिश न करें। निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
- बिजली से बचाव: गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
- किसान भाई ध्यान दें: खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करें। कटी हुई फसल को सुरक्षित जगह रखें।
- वाहन चालक सतर्क रहें: भूस्खलन संभावित इलाकों में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद हो सकती हैं। यात्रा से पहले रोड की स्थिति पता कर लें।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन और SDRF की टीमें अलर्ट पर हैं। किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। मॉनसून की यह सक्रियता अगले एक सप्ताह तक बनी रहने की संभावना है।
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