
श्रीनगर , 2 July : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद हसन पाशा ने लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC), कारगिल को तत्काल भंग करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद वित्तीय वर्ष 2026 का बजट पारित न करके अपनी प्राथमिक संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है।
जारी एक बयान में हसन पाशा ने कहा कि वार्षिक बजट को मंजूरी न मिल पाने के कारण परिषद अभूतपूर्वईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी महबूबा मुफ्ती, मिला आधिकारिक निमंत्रण प्रशासनिक संकट में फंस गई है। इससे कारगिल जिले में विकास गतिविधियां ठप हो गई हैं और जन कल्याण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिषद द्वारा अपना ही बजट पारित न कर पाना प्रशासनिक अक्षमता, जवाबदेही की कमी और नेतृत्व के पूर्ण पतन को दर्शाता है। ‘एक लोकतांत्रिक संस्था जो अपनी सबसे बुनियादी वित्तीय जिम्मेदारी न निभा सके, वह जनता का विश्वास और पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो देती है।’
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिषद द्वारा अपना ही बजट पारित न कर पाना प्रशासनिक अक्षमता, जवाबदेही की कमी और नेतृत्व के पूर्ण पतन को दर्शाता है। ‘एक लोकतांत्रिक संस्था जो अपनी सबसे बुनियादी वित्तीय जिम्मेदारी न निभा सके, वह जनता का विश्वास और पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो देती है।’
कांग्रेस-एनसी गठबंधन पर निशाना
हसन पाशा ने कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह गठबंधन कारगिल में स्थिर और विकासोन्मुख शासन देने में विफल रहा है। उनका दावा है कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने, रोजगार के अवसर पैदा करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के बजाय, सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीतिक अस्तित्व, आंतरिक मतभेदों और सत्ता की होड़ में उलझा रहा।
पाशा ने यह भी आरोप लगाया कि गठबंधन की ‘गलत प्राथमिकताओं’ की कीमत कारगिल की जनता चुका रही है। परिषद का बजट पारित न होने से महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्य, कल्याणकारी योजनाएं और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उपराज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग
हसन पाशा ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से तत्काल संवैधानिक और प्रशासनिक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एलएएचडीसी कारगिल को भंग कर वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था की जाए, ताकि उपायुक्त/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कारगिल के कार्यालय के माध्यम से 2026 का परिषद बजट पारित हो सके। इससे चल रही विकास परियोजनाएं, जन कल्याण पहल, कर्मचारियों का हित और आवश्यक सरकारी सेवाएं प्रभावित न हों।
पाशा ने जोर देकर कहा कि कारगिल की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की हकदार है, जो राजनीतिक स्वार्थ के बजाय जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध हो। उन्होंने विश्वास जताया कि उपराज्यपाल के समय पर हस्तक्षेप से जिले के विकास संबंधी हितों की रक्षा होगी और प्रशासनिक दक्षता बहाल होगी।
लद्दाख के लोगों के प्रति भारतीय जनता पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए हसन पाशा ने कहा कि भाजपा जनहित के मुद्दे उठाती रहेगी, सुशासन के सिद्धांतों को बनाए रखेगी और केंद्र शासित प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के समावेशी विकास, पारदर्शिता और कल्याण के लिए अथक प्रयास करती रहेगी।

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