-1781519410899_v.webp)
श्रीनगर , 15 June ; पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को आगामी श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा को सफल बनाने में प्रत्येक कश्मीरी से सहयोग का आग्रह किया। उन्हाेंने कहा कि यह तीर्थयात्र कश्मीरियों की सभ्यता-संस्कृति और कश्मीरियत का प्रतीक है।
यह तीर्थयात्रा उन तत्वों को भी जवाब देने का अवसर है जो हमेशा कश्मीर और कश्मीरियों के प्रति नकारात्मक खबरें फैलाते हैं। यह सांप्रदायिक घृणा और हिंसा को बढ़ावा देने वाले तत्वों का जवाब देने का भी अवसर है।प्रत्येक कश्मीरी इस तीर्थयात्रा में शामिल होने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का ऐसे स्वागत करें कि जैसे वह उनका अपना स्वजन और जब वह लोग यहां से लौटे तो खुशनुमा यादें लेकर लौटें।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आज पहलगाम में अपने दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जम्मू-कश्मीर आने वाला हर श्रद्धालु एक मेहमान और राजदूत है, जो देश के विभिन्न हिस्सों तक कश्मीर की कहानी पहुंचाता है।
श्रद्धालुओं व अन्य यात्रियों के साथ सम्मानजनक और आत्मीय व्यवहार नकारात्मक धारणाओं को दूर करने और विभिन्न क्षेत्रों तथा समुदायों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
महबूबा ने कहा कि हमारे यहां आने वाला हर यात्री कश्मीर का मेहमान है। वे हमारी धरती, हमारे लोगों और हमारी संस्कृति की कहानी भारत के हर कोने तक लेकर जाते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि वे यहां से प्रेम, अपनत्व और मेहमाननवाजी की यादों के साथ लौटें।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को केवल प्रशासन या सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसे कश्मीर के लोगों की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बढ़ते ध्रुवीकरण और अविश्वास के दौर में यह यात्रा आपसी समझ बढ़ाने, मानवीय रिश्तों को मजबूत करने और कश्मीर की सह-अस्तित्व की परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है।
महबूबा मुफ़्ती के अनुसार, घाटी का दौरा कर लौटने वाले श्रद्धालु कश्मीर की संस्कृति, मेहमाननवाजी और सामाजिक मूल्यों के प्रत्यक्ष गवाह बनते हैं, इसलिए उनके साथ होने वाली हर बातचीत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर और यहां के लोगों के बारे में फैली पूर्वाग्रहपूर्ण धारणाओं और गलत सूचनाओं का सबसे प्रभावी जवाब राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि सीधे संवाद और मानवीय संपर्क के माध्यम से दिया जा सकता है।
जनभागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा ऐसी प्रक्रिया होनी चाहिए जिसे स्थानीय स्तर पर संरक्षण, समर्थन और सहयोग मिले तथा जो कश्मीर की वास्तविक भावना और संस्कृति को प्रतिबिंबित करे। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा देशभर से हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और हिमालयी क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है।
-1781511530137_v.webp)
-1781517264841_v.webp)




