
UP , 11 June : योगी सरकार महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है. इसी सिलसिले में अब तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी त्रासदी झेल चुकी महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की तैयारी की जा रही है. सरकार चाहती है कि इन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ मिले. इसके साथ ही निराश्रित महिलाओं को भी इन योजनाओं में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
डाटा इकट्ठा करने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग ने काम शुरू कर दिया है. विभाग इन पीड़ित और निराश्रित महिलाओं का विस्तृत डाटा तैयार कर रहा है ताकि पात्र महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जा सके. शासन स्तर पर इसके लिए दिशा-निर्देश और आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी चल रही है.
योजनाओं से जोड़ने की तैयारी
महिला कल्याण विभाग द्वारा सत्यापित जानकारी जुटाई जा रही है. इसी आधार पर लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा. सरकार का मकसद है कि कोई भी पात्र महिला सिर्फ जानकारी की कमी या प्रक्रिया की जटिलता के कारण सरकारी सुविधाओं से वंचित न रह जाए. इसके लिए विभागों के बीच तालमेल भी बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री के निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बैठक में स्पष्ट कहा था कि जिन महिलाओं को तीन तलाक या एसिड अटैक जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है और जिनके पास स्थायी घर नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर दिया जाए. साथ ही, इन महिलाओं और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.
सुरक्षित जीवन की ओर कदम
एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज और पुनर्वास की जरूरत होती है, जबकि तीन तलाक से प्रभावित महिलाएं सामाजिक और आर्थिक असुरक्षा झेलती हैं. ऐसे में आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा देकर योगी सरकार उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में काम कर रही है.

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