
पश्चिम बंगाल , 1 April : पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का डंडा एक बार फिर चला है. बुधवार की सुबह जब कोलकाता के लोग अपनी दिनचर्या शुरू कर रहे थे, ठीक उसी वक्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. ईडी के निशाने पर थे इलाके के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी बिस्वजीत पोड्डार, जिन्हें लोग प्यार से कहें या खौफ से, ‘सोना पप्पू’ के नाम से जानते हैं.
सपनों का घर दिखाकर करोड़ों की चपत
सोना पप्पू पर आरोप काफी गंभीर हैं और सीधे तौर पर आम आदमी की जेब से जुड़े हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के नाम पर लोगों को आलीशान फ्लैट्स के सपने दिखाए और उनसे मोटी रकम वसूल ली. लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी न तो ग्राहकों को उनके घर की चाबियां मिलीं और न ही उनके मेहनत की कमाई वापस आई.
ईडी को शक है कि ग्राहकों से जुटाए गए इस करोड़ों रुपये के फंड को अवैध तरीके से दूसरी कंपनियों में घुमाया गया और खुद के ऐशो-आराम के लिए इस्तेमाल किया गया. अब एजेंसी बैंक खातों और निवेश के कागजों के जरिए इसी ‘मनी ट्रेल’ को खंगालने में जुटी है.
कौन है सोना पप्पू और क्या है इनका इतिहास?
बालीगंज और आसपास के इलाकों में बिस्वजीत पोड्डार का नाम नया नहीं है. उनका विवादों से बहुत पुराना और गहरा नाता रहा है. दरअसल, शुरुआत में वह अपने पिता की सोने की दुकान संभालते थे, जिसकी वजह से उनके नाम के आगे ‘सोना’ शब्द जुड़ गया. लेकिन धीरे-धीरे उनके नाम के साथ अपराध की लंबी फेहरिस्त भी जुड़ती गई.
सोना पप्पू के खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन धाराओं में करीब 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. अभी इसी साल फरवरी में कोलकाता के कंकुलिया रोड पर जो हिंसक झड़प और गोलीबारी हुई थी, उसमें भी मुख्य आरोपी के तौर पर इनका नाम उछला था. तभी से वह पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर बने हुए थे.
रसूखदारों के साथ कनेक्शन की चर्चा
ईडी की इस रेड ने कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार में हड़कंप मचा दिया है. गली-कूचों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि सोना पप्पू के संबंध कुछ बड़े रसूखदारों और राजनीतिक चेहरों के साथ भी रहे हैं. जांच टीम इस एंगल को भी देख रही है कि क्या इन पैसों के गबन के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या राजनीतिक संरक्षण काम कर रहा था. फिलहाल, छापेमारी की प्रक्रिया जारी है और ईडी के अधिकारी दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने में लगे हैं. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई बड़े राज फाश हो सकते हैं.







