
लेह , 30 Mar : CJI Surya Kant Leh Military Camp Visit: देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने सोमवार (30 मार्च) को लेह के मिलिट्री कैंप का दौरा किया और वहां तैनात सैन्यकर्मियों को संबोधित किया. यह पहली बार है जब किसी CJI ने लद्दाख के इस संवेदनशील क्षेत्र में जाकर सैनिकों से सीधे संवाद किया. समुद्र तल से करीब 3,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह इलाका रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
दूरदराज क्षेत्रों में न्याय तक पहुंच पर जोर
अपने संबोधन में CJI सूर्यकांत ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों को न्याय तक आसान और समय पर पहुंच मिलनी चाहिए. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कानून केवल अदालतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे उन सैनिकों तक भी पहुंचना चाहिए जो दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में तैनात हैं.
सैनिकों की चुनौतियों को समझने की जरूरत
CJI ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाते हुए सैनिकों को कई बार कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे हालात में उनके लिए अदालतों तक पहुंचना या कानूनी सहायता प्राप्त करना आसान नहीं होता. उन्होंने न्याय प्रणाली को और अधिक सुलभ और संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.
न्याय प्रणाली को और मजबूत करने का संकेत
इस दौरे को न्यायपालिका और सेना के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. CJI सूर्यकांत ने संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी पहलें और बढ़ाई जा सकती हैं, जिससे देश के हर नागरिक, खासकर सीमाओं पर तैनात जवानों को न्याय मिल सके.
ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा दौरा
लद्दाख के लेह मिलिट्री कैंप में CJI का यह दौरा एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो यह संदेश देता है कि देश की न्याय व्यवस्था हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. चाहे वह कितना ही दूर या कठिन क्षेत्र में क्यों न हो.







