
अमेरिका , 21 Mar : अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब दिनों दिन भयानक होती जा रही है. कुछ दिनों पहले ईरान में मौजूद दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस फिल्ड पर वायुसेना ने जबरदस्त हमला कर उसे नेस्तनाबूत कर दिया. वहीं आज अमेरिका एक कदम और आगे बढ़ते हुए ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया गया. इस हमले में ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी को भारी क्षति हुई है. हालांकि अभी तक रेडियो एक्टिव रिसाव की खबरें नहीं सामने आई हैं.
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने इस हमले का आरोप अमेरिका और इजरायल पर लगाया है. जिसके मुताबिक दोनों देशों ने मिलकर शनिवार सुबह इस हमले को अंजाम दिया.
आसपास के लोग सुरक्षित
स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस हमले से आसपास रहने वाले लोगों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि, यूएस-इजरायल सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद ही इस न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले की खबर सामने आई थी. जिसमें बताया गया था कि नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हुए इस हमले में आसपास मौजूद इमारतों को थोड़ा नुकसान पहुंचा है.
इस संबंध में इजरायल ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी की है. जिसमें साफ-साफ दिख रहा है कि अमेरिका-इजरायली बमबारी में न्यूक्लियर फैसिलिटी क्षतिग्रस्त हुई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने हमले में कमी का किया था दावा
यह हमला डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर रहे हैं. इसी बीच अमेरिका इस इलाके में 2500 मरीन और 3 सैन्य जहाज भेज रहा है.
कहां है नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी?
नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में मौजूद है. जून में इजरायल और ईरान के बीच हुए 12 दिन के संघर्ष में भी यह संयंत्र अमेरिका के निशाने पर था.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने दावा किया था कि यूएस-इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के किसी परमाणु केंद्र को फिलहाल नुकसान पहुंचने के संकेत नहीं मिले हैं.
इसके साथ ही, उन्होंने दुनिया से अत्यधिक संयम बरतने की अपील भी की थी. आईएईए प्रमुख ने स्पष्ट किया था कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, तेहरान रिसर्च रिएक्टर और अन्य ईंधन केंद्रों पर किसी हमले या क्षति की सूचना नहीं मिली थी.







