
7 Feb : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर हिंदू धर्म को लेकर अपने बयान को दोहराया. उन्होंने कहा कि हिंदू संज्ञा नहीं विशेषण है. भारत में रहने वाले सभी लोग हिंदू ही हैं.
RSS प्रमुख ने कहा कि संघ बेहद अनोखा काम करता है. ऐसा काम पूरी दुनिया में कहीं नहीं होता. अब तो इसका अनुभव भी हो रहा है.
दरअसल मोहन भागवत RSS के 100 साल पूरे होने पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. जहां उन्होंने कहा कि संघ का एकमात्र काम समाज को संगठित करना है. इसके अलावा संघ का दूसरा कोई काम नहीं है.
आपको अंदर जाकर जानना…
मोहन भागवत ने कहा कि आप किसी को कपड़े से पहचानते हैं, लेकिन अगर आपको किसी व्यक्ति को जानना है तो आपको और अंदर जाकर विचार करना होगा. वैसे ही संघ के स्वयंसेवक रूट मार्च करते हैं, लाठी सीखते हैं, लेकिन संघ ना तो पैरा मिलिट्री फोर्स है या ना अखिल भारतीय अखाड़ा.
उन्होंने कहा कि हमलोगों का जो आपस का व्यवहार है. वो सौदा नहीं अपनेपन पर चलता है. हिंदुस्तान का सनातन स्वभाव नहीं बदल सकता. हमारे ऋषि-मुनियों ने सोचा कि जब सब अपने हैं तो ज्ञान पूरी दुनिया को देना चाहिये. भारत धर्म प्राण है, सबको साथ में चलना है. किसी को छोड़ना नहीं है.
ऐसे बनेंगे विश्व गुरु
मोहन भागवत ने कहा कि हम विश्व गुरु बनेंगे, लेकिन सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि उदाहरणों के जरिये ही बन पायेंगे. अगर आप भारतीय हैं तो ये हुनर आपको विरासत में मिला है. भारत में रहने वाले सभी ईसाई और मुस्लिम भारत के ही हैं.
भारत में 4 तरह के हिंदू
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में 4 तरह के हिंदू हैं. पहले वो हैं जो गर्व से कहते हैं कि हम हिंदू हैं. दूसरे वो हैं जो हम हिंदू हैं तो क्या. इसमें गर्व करने वाली क्या बात है. तीसरे वो हैं जो कहते हैं कि धीरे से बोलो कि हम हिंदू हैं. इनसे घर में पूछने पर बताते हैं कि वो हिंदू हैं. चौथे वो हैं जो भूल गए हैं कि वो हिंदू हैं या जिन्हें भूलने पर विवश कर दिया गया.
मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू संज्ञा नहीं, विशेषण है. भारत में रहने वाला हर एक व्यक्ति हिंदू ही है.







