
New Delhi , 4 Dec: रूस के राष्ट्रपित व्लादिमीर पुतिन दो दिन के दौरे पर भारत आने वाले हैं. इस दौरे को लेकर पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हुई हैं. पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 23वीं द्विपक्षीय शिखर बैठक करेंगे. 4 से 5 दिसंबर के इस दौरे में पुतिन और PM मोदी की मुलाकात पर सबकी नजर होगी. बाता दें कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन का रिश्ता 25 साल पुराना है.
ऐसा बताया जा रहा है कि PM मोदी की पहली मुलाकात राष्ट्रपित पुतिन से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी. तब की तस्वीरें अभी वायरल हो रही हैं जब पुतिन ने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते उनसे मुलाकात की थी.
25 साल पुराना मोदी-पुतिन का रिश्ता
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच लगभग 25 वर्ष पुराना संबंध है. साल 2001 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी ने मास्को का दौरा किया था, तब उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी गए थे. उस समय की तस्वीर अब वायरल हो रही है, जब पुतिन भारत के दौरे पर है.
4 साल पहले आए थे पुतिन भारत
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर 2021 में भारत का दौरा किया था. यह दौरा 4 साल पहले किया गया था. भारत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस बार के दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही है. रूसी सेना की एक टीम कई दिन पहले यहां पहुंच चुकी है और सुरक्षा इंतजाम का जायजा ले रही है. पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत आने वाले हैं.
बता दें कि, ग्लोबल साउथ में भारत और रूस की भागीदारी काफी महत्वपूर्ण है. दोनों देश इस समूह में अपने हितों को बढ़ावा दे रहे हैं. एक तरफ रूस ग्लोबल साउथ में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है, दूसरी ओर भारत इस समूह के वैश्विक हितों के बारे में विश्व पटल पर आवाज उठा रहा है.
भारत दौरे पर करेंगे कई समझौते
राष्ट्रपित पुतिन की यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं. उनकी यात्रा का मकसद समग्र द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को विस्तार देना है. मोदी और पुतिन के बीच शुक्रवार को होने वाली शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग बढ़ाने, द्विपक्षीय व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखने और छोटे ‘मॉड्यूलर रिएक्टर’ के क्षेत्र में संभावित सहयोग पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है. माना जा रहा है इस वार्ता पर पश्चिमी देशों की पैनी निगाह रहेगी.





