
Sri Lanka ,28 Nov : भारत के दक्षिण में मौजूद द्वीपीय देश श्रीलंका चक्रवातीय तूफान से थर्रा उठा. वहां चक्रवात दित्वाह (Cyclone Ditwah) ने कोहराम मचा दिया. प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई और 21 लोग लापता हैं. बाढ़ और भूस्खलन के कारण हजारों लोग विस्थापित हुए हैं.
चक्रवातीय तूफान की चपेट में आए श्रीलंका के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत राहत सामग्री भेजी है. वहीं, अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा, “मैं श्रीलंका के उन लोगों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं, जिन्होंने चक्रवात दित्वाह के कारण अपने प्रियजनों को खोया है. मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, सांत्वना और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.”

Operation Sagar Bandhu से श्रीलंका को मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरादा दिसानायके को टैग करते हुए भारत की ओर से समर्थन व्यक्त किया. पीएम के इस ट्वीट को ANI ने भी साझा किया, जिसमें पीएम मोदी के पूरे संदेश को उद्धृत किया गया. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि चक्रवातीय तूफान ने श्रीलंका के कुछ इलाकों में भयानक तबाही मचाई है. शुक्रवार को द्वीप राष्ट्र के पूर्वी तट पर पहुंचने वाले इस चक्रवात ने भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा पैदा कर दिया, और 24 घंटों में वहां 300 मिमी बारिश दर्ज की गई.

30 नवंबर को भारतीय इलाकों तक पहुंचेगा चक्रवात!
ताजा सूचनाओं के मुताबिक, चक्रवात दित्वाह (Cyclone Ditwah) अब उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और 30 नवंबर को उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर पहुंचने की उम्मीद है. श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह का विनाशकारी प्रभाव देखते हुए भारत ने अपने निकटतम समुद्री पड़ोसी मुल्क के लिए तत्काल राहत सामग्री और महत्वपूर्ण एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) भेजा है. यह सहायता ऑपरेशन सागर बंधु (Operation Sagar Bandhu) के तहत दी गई है.







