
श्रीनगर , 26 Oct : कुपवाड़ा जिले में खराब मौसम के दौरान अगर सड़क बंद हो जाए, बिजली गुल हो जाए या किसी को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़े, तो मदद के लिए संबंधित विभाग तक पहुंचना आसान होगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न इलाकों में संयुक्त कंट्रोल रूम की व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी अधिकारियों के संपर्क नंबर आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया है। इसका मकसद है कि आपात स्थिति में लोगों को समय पर सहायता मिले और विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण राहत कार्यों में देरी न हो।
प्रशासन की इस पहल के तहत हंदवाड़ा, कुपवाड़ा, केरन, टंगधार, मछिल और क्रालपोरा समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। इनका उद्देश्य आपात परिस्थितियों में संबंधित विभागों को एक साथ जोड़ना और जरूरतमंद लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाना है।
पुलिस से लेकर बिजली-पानी विभाग तक की जिम्मेदारी
प्रशासन ने पुलिस, नागरिक प्रशासन, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग (आरएंडबी), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचई), बिजली विकास विभाग (पीडीडी), स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक विभागों के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
इस व्यवस्था में हर विभाग की भूमिका अहम है। सड़क बंद होने की स्थिति में सड़क एवं भवन निर्माण विभाग की मदद जरूरी हो सकती है, जबकि बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने पर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। इसी तरह स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में चिकित्सा सेवाओं और जरूरत पड़ने पर पुलिस तथा प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता हो सकती है।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सूचना मिलने के बाद विभागों के बीच संपर्क स्थापित करने में समय बर्बाद न हो और लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
लोगों तक पहुंचेंगे अधिकारियों के फोन नंबर
संयुक्त कंट्रोल रूम की व्यवस्था के साथ प्रशासन ने सरकारी अधिकारियों के आधिकारिक संपर्क नंबर सार्वजनिक करने पर भी जोर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरत पड़ने पर लोग सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकें।
इसी क्रम में हंदवाड़ा, त्रेहगाम, द्रगमुल्ला, क्रालपोरा और जिले की अन्य तहसीलों के तहसीलदारों को भी अपने आधिकारिक संपर्क नंबर जनता के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कदम से स्थानीय स्तर पर प्रशासन तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। किसी गांव या इलाके में आपात स्थिति पैदा होने पर लोग संबंधित तहसीलदार या दूसरे जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या की जानकारी दे सकेंगे।
हालांकि, प्रशासन की ओर से नंबर सार्वजनिक करने पर जोर दिया गया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में इन संपर्क नंबरों की पूरी सूची या उन्हें जारी करने की निश्चित समयसीमा का उल्लेख नहीं है।
खराब मौसम में सबसे ज्यादा होगी व्यवस्था की जरूरत
कुपवाड़ा जिले के दूरदराज और संवेदनशील इलाकों में खराब मौसम के दौरान जरूरी सेवाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में सड़क संपर्क, बिजली-पानी की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
संयुक्त कंट्रोल रूम और अधिकारियों के सार्वजनिक संपर्क नंबरों की व्यवस्था का महत्व इसी वजह से बढ़ जाता है। अगर लोग सही समय पर अपनी समस्या की सूचना दे सकें और संबंधित विभाग तेजी से कार्रवाई करें, तो राहत पहुंचाने में होने वाली देरी को कम किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध होने और संयुक्त कंट्रोल रूम की व्यवस्था मजबूत होने से आपात स्थिति में मदद मांगना आसान होगा।






