
जम्मू, 2 Oct : जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2012 से 2016 के बीच कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गन लाइसेंस जारी करने का मामला देश के सबसे बड़े लाइसेंस घोटालों में गिना जाता है। सीबीआई वर्ष 2019 से इस मामले की जांच कर रही है। जांच का केंद्र यह है कि निर्धारित नियमों की अनदेखी कर करीब 2.74 लाख गन लाइसेंस ऐसे लोगों को जारी किए गए, जिनमें बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर के बाहर रहने वालों की थी।
जांच में सामने आया कि राजस्थान समेत देश के अन्य राज्यों में रहने वाले लोगों के नाम पर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से हथियार लाइसेंस जारी किए गए थे।
डोडा-रामबन से कुपवाड़ा-पुलवामा तक लाइसेंस जांच
राजस्थान पुलिस ने इस संबंध में जम्मू-कश्मीर सरकार को कई पत्र भेजे, जिसके बाद मामला और गंभीर होता गया। जांच में डोडा, रामबन, ऊधमपुर, कुपवाड़ा, बारामुला, किश्तवाड़, शोपियां, राजौरी और पुलवामा समेत कई जिलों में जारी लाइसेंस जांच के दायरे में आए।
राजस्थान एटीएस के अनुसार डोडा, रामबन और ऊधमपुर में जारी 1,43,013 लाइसेंसों में से 1,32,321 ऐसे लोगों को जारी किए गए थे, जो जम्मू-कश्मीर से बाहर रहते थे। सीबीआइ ने आरोप लगाया कि तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेटों, डिप्टी कमिश्नरों और लाइसेंसिंग अधिकारियों ने कथित आर्थिक लाभ के बदले लाइसेंस जारी किए।



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