
जम्मू, 28 Sep : शहर के व्यस्त और संवेदनशील मार्गों में शुमार बीसी रोड पर शकुंतला थिएटर के पास सड़क का महज 10 मीटर का हिस्सा लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली और प्रशासनिक उदासीनता का सबसे बड़ा सुबूत बन चुका है।
यह मार्ग शहर की लाइफलाइन है, जो सीधे जनरल बस स्टैंड को जोड़ता है और 24 घंटे भारी यातायात का दबाव झेलता है। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी रास्ते से जम्मू का सबसे बड़ा गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल के लिए एंबुलेंस और मरीज दौड़ते हैं।
टूटी सड़क पर एंबुलेंस की रफ्तार हुई कम
सड़क के इस उखड़े हिस्से पर आते ही जीवन बचाने की जंग लड़ रही एंबुलेंस की रफ्तार अचानक थम जाती है। गड्ढों में हिचकोले खाते समय स्ट्रेचर पर लेटे गंभीर मरीजों और फ्रैक्चर के दर्द से कराह रहे लोगों की तकलीफ का अंदाजा तक लगाना मुश्किल है।
हर समय गुलजार रहने वाले इस चौराहे पर उखड़े हिस्से के कारण वाहनों की कतारें लग रही हैं और ट्रैफिक रेंगने को मजबूर है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए बिखरी बजरी स्किड जोन बन चुकी है, जहां रोज कोई न कोई गिरकर चोटिल हो रहा है। इसके बावजूद शहर की सबसे महत्वपूर्ण सड़क पर पीडब्ल्यूडी कुंभकर्णी नींद में सोया नजर आ रहा है।
लाखों रुपयों के मेंटेनेंस बजट का दावा करने वाले विभाग के अफसरों की नजरें शायद तब तक नहीं खुलेंगी, जब तक यह 10 मीटर का जानलेवा हिस्सा किसी बड़े हादसे या किसी मरीज की अनहोनी की वजह नहीं बन जाता।
स्थानीय दुकानदारों, चालकों और आम जनता का कहना है कि विभाग चंद घंटों के पैचवर्क से राहत दे सकता है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की अनदेखी ने हजारों लोगों की जान जोखिम में डाल रखी है।
क्या कहते हैं लोग
अजय कुमार जो पेशे से ड्राइवर हैं ने कहा ‘बीसी रोड से जीएमसी को जाेड़ने वाले इस चौक पर सड़क गड्ढों में बदल चुकी है। कंकर यहां-वहां फैले हुए हैं। यहां पहुंचते ही वाहन चालकों को ब्रेक लगानी पड़ती है। इसलिए जाम लगना ही होता है। इन्हें ठीक कौन करेगा।’
पेशे से दुकानदार विजय कौल ने कहा ‘शकुंतला थिएटर के नजदीक चौक में उखड़ी सड़क हादसों को न्यौता दे रही है। अक्सर एम्बुलेंस भी यहां से गुजरती हैं। स्ट्रेजर पर पड़ा मरीज की जान पर बन सकती है। विभाग को यह सब क्यों नजर, समझ नहीं आता।’
स्वर्ण सिंह, निवासी गंग्याल ने कहा ‘चौक में ट्रैफिक बूथ भी बना हुआ है। ट्रैफिक कर्मी यहां-वहां से गाड़ियां निकलवाते हैं लेकिन यहां मरम्मत कार्य पूरा क्यों नहीं किया जाता। रोजाना हजारों गाड़ियां यहां से गुजरती हैं। विभाग को तुरंत तारकोल डलवानी चाहिए।’
क्या कहते हैं अधिकारी
सलीम-उल-सबा, एसई, पीडब्ल्यूडी, जम्मू ने इस पर कहा कि ‘बरसात में खराब हुई सड़कों पर तारकोल डालने का काम शुरू कर दिया गया है। चरबबद्ध तरीके से विभिन्न सड़कों को ठीक किया जा रहा है। यहां भी जल्द मरम्मत कार्य पूरा किया जाएगा।’





