![]()
जम्मू-कश्मीर , 28 Sep : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला. बहस और नारेबाजी के बीच ही विधानसभा में जम्मू-कश्मीर को फिर से पूरा राज्य बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया. इस प्रस्ताव के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने सदन से वॉकआउट कर दिया. इस पूरे मामले पर नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी विधायक सुनील शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के दर्जे पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. लेकिन प्रस्ताव में अगर अनुच्छेद 370 या 1953 से पहले वाली संवैधानिक व्यवस्था जैसी बातों को जोड़ा जाएगा तो बीजेपी को यह बिल्कुल मंजूर नहीं होगा. इसी बात को लेकर बीजेपी ने सदन में कड़ा विरोध जताया और प्रदर्शन करते हुए बाहर निकल गई.
1953 वाले एंगल पर बीजेपी का कड़ा एतराज
सदन में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने साफ कहा कि बीजेपी राज्य को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा देने पर खुलकर और पॉजिटिव बहस करना चाहती है. उन्होंने कहा कि 1953 से पहले जैसी स्थिति का कोई भी जिक्र उनकी पार्टी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगी. भले ही कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन जम्मू-कश्मीर को स्पेशल तौर पर पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए बीजेपी तैयार है. इसके लिए दोनों पक्षों को मिलकर सार्थक चर्चा करनी चाहिए. बता दें कि यह प्रस्ताव सीएम उमर अब्दुल्ला ने सदन में रखा था. इसमें 9 अगस्त 1953 से पहले जैसी व्यापक स्वायत्तता बहाल करने की बात भी शामिल है. इसी बिंदु पर बीजेपी ने सोमवार को सीधा विरोध जताया, जिसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ.
नारेबाजी और मार्शल एक्शन से गरमाया माहौल
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी के सभी विधायकों ने सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और स्पीकर के फैसले का भी विरोध किया. हंगामा इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा. लेकिन जब दोबारा सदन शुरू हुआ तो भी विरोध थमा नहीं. हंगामे के बीच ही प्रस्ताव को पास करा दिया गया. नारेबाजी के दौरान मार्शलों ने बीजेपी विधायक रंधावा और अरविंद गुप्ता को सदन से बाहर निकाल दिया. पूरे समय सदन में तीखी बहस चलती रही.
शुरू से ही हंगामेदार रहा पूरा सत्र
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का सत्र शुरू होने के बाद से ही पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर बीजेपी और सत्ता पक्ष के बीच टकराव बना हुआ है. बीजेपी लगातार इस प्रस्ताव के कुछ बिंदुओं का विरोध कर रही है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसकी सहयोगी कांग्रेस इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़ी है. आज प्रस्ताव पास होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है. लेकिन कुल मिलाकर यह पूरा सत्र काफी हंगामेदार रहा है.






