
कटड़ा , 2 Sep : जम्मू-कश्मीर में मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ लगातार जारी है। प्रतिदिन करीब 14 हजार से 18 हजार श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा पहुंचकर मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाने के लिए भवन की ओर रवाना हो रहे हैं। यात्रा में कमी के चलते श्रद्धालुओं को रहने, भोजन सहित अन्य सुविधाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और भवन पर भी श्रद्धालुओं को सुगमता से मां के दिव्य दर्शन हो रहे हैं। अगर आप भी मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजरी लगाने का सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है
मां वैष्णो देवी पवित्र गुफा में तीन पवित्र पिंडियों के रूप में महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती के स्वरूप में विराजमान हैं। देश-विदेश से श्रद्धालु प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में मां के चरणों में नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।
कटड़ा से भवन की दूरी करीब 13.5 किलोमीटर है। इस चढ़ाई को पूरा करने के लिए श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा के साथ ही घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन के लिए भवन परिसर में मौजूद श्रद्धालु।
मां वैष्णो देवी के दर्शन से पहले पंजीकरण जरूरी
मां वैष्णो देवी की यात्रा शुरू करने से पहले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए कटड़ा में स्थापित यात्रा पंजीकरण केंद्र से पंजीकरण करवाकर आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बिना यात्रा की अनुमति नहीं है।
श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पारंपरिक मार्ग अथवा ताराकोट मार्ग से भवन की ओर जा सकते हैं। यात्रा 24 घंटे जारी रहती है, जबकि कटड़ा में यात्रा पंजीकरण केंद्र सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक खुले रहते हैं। इस दौरान पंजीकरण करवाने के बाद श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर सकते हैं।
अर्धकुंवारी से भवन मार्ग पर बैटरी कार सेवा
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कटड़ा से भवन तक हेलीकाप्टर सेवा तथा अर्धकुंवारी से भवन मार्ग पर बैटरी कार सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। हालांकि बरसात के मौसम में खराब मौसम के कारण हेलीकाप्टर सेवा अक्सर प्रभावित होती रहती है।
ऐसे में श्रद्धालु पैदल, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी आदि का सहारा लेकर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। बरसात के दौरान बैटरी कार मार्ग पर भी कई बार हल्के भूस्खलन के साथ मलबा, कंकर-पत्थर और कीचड़ आने के कारण श्राइन बोर्ड द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से सेवा को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है।
मार्ग की सफाई और निरीक्षण के बाद इसे श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिया जाता है। इससे बैटरी कार सेवा का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलती है।
भैरव घाटी जाने के लिए कई विकल्प
भवन पर मां के दर्शन करने के बाद श्रद्धालु भैरव घाटी की ओर भी रवाना होते हैं। इसके लिए पैदल मार्ग के साथ घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा उपलब्ध है। वहीं श्राइन बोर्ड की ओर से संचालित रोपवे सेवा भी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध है। बरसात के बावजूद अधिकांश समय रोपवे सेवा सुचारु रहने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिल रही है।
मदद के लिए जगह-जगह हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थानों पर श्राइन बोर्ड की ओर से हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसी आपदा, दुर्घटना अथवा परिवार के सदस्य के बिछड़ने की स्थिति में इन केंद्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस तथा सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान भी तैनात रहते हैं, जो लगातार यात्रा की निगरानी करने के साथ श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं।
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