
नई दिल्ली , 13 Oct : राजधानी नई दिल्ली में पहली बार बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की बैठक का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की मेजबानी करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और आपसी विश्वास को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह मंच क्षेत्रीय एकीकरण और सामूहिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है.
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने भारत की प्राचीन संस्कृति और विदेश नीति का जिक्र करते हुए कहा कि देश “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है. भारत हमेशा से शांति, सह-अस्तित्व और पूरी मानवता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहा है.
भारत कभी किसी भी देश पर हमला नहीं किया
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने कभी भी किसी देश पर हमला करने या उस पर दबदबा बनाने की नीति में विश्वास नहीं किया है. भारत की प्राथमिकता हमेशा से हर देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना तथा आपसी मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाना रही है.
बैठक में आगे की रूपरेखा पर बात करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को याद किया, जो उन्होंने 4 अप्रैल 2025 को छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान दिया था. पीएम मोदी ने कहा था कि बिम्सटेक केवल एक क्षेत्रीय मंच मात्र नहीं है, बल्कि यह सभी को साथ लेकर चलने वाले विकास और सुरक्षा का एक आदर्श मॉडल है.
आपसी सहयोग की गृहमंत्री ने की अपील
इसी सोच को जमीन पर उतारने का आह्वान करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अब सभी सदस्य देशों के गृह मंत्रियों के रूप में यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इस आपसी सहयोग को एक व्यावहारिक और ठोस प्रणाली में बदलें. इससे न केवल हमारे नागरिकों की सुरक्षा पुख्ता होगी, बल्कि सदस्य देशों की एजेंसियों की कार्यक्षमता और आपसी तालमेल भी और अधिक मजबूत हो सकेगा.
इस बैठक को दक्षिण एशिया और आशियाना देशों के बीच सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है.






