श्रीनगर, 11 Sep : जम्मू-कश्मीर की सियासत में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। किश्तवाड़ के वरिष्ठ राजनीतिक नेता और पूर्व एमएलसी सैयद असगर अली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) में शामिल हो गए हैं। पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पीडीपी ने इसे एक ‘मजबूत राजनीतिक बयान’ करार दिया है।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि असगर अली का पार्टी में शामिल होना चिनाब वैली में संगठन के लिए एक बड़ी मजबूती है। यह कदम न केवल पार्टी के जमीनी आधार को और मजबूत करेगा बल्कि लोगों की आकांक्षाओं को ‘साहस, गरिमा और दृढ़ विश्वास’ के साथ प्रतिनिधित्व देने के उसके संकल्प को भी दोहराता है।
1977 बैच के JKAS अधिकारी रहे असगर अली
सैयद असगर अली कोई नया नाम नहीं हैं। वे 1977 बैच के कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) अधिकारी रहे हैं और बाद में राजनीति में सक्रिय होकर पीडीपी के टिकट पर एमएलसी चुने गए थे। वे जानी-मानी आईएएस अधिकारी सैयद सहरिश असगर के पिता हैं।
सैयद सहरिश ने 2011 में जेकेएएस टॉप किया था और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भी शानदार रैंक हासिल कर देश भर में जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया था। एक प्रशासनिक परिवार से आने वाले असगर अली का चिनाब वैली, खासकर किश्तवाड़, डोडा और रामबन बेल्ट में गहरा जनाधार माना जाता है।
महबूबा की मौजूदगी में हुए शामिल
कार्यक्रम के दौरान पीडीपी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और अहम बना दिया। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहमान वीरी, अब्दुल हक खान, खुर्शीद आलम, त्राल से विधायक रफीक नाइक, राजेंद्र मनहास समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। महबूबा मुफ्ती ने खुद असगर अली का पार्टी में स्वागत किया और कहा कि उनके जैसे अनुभवी नेता का अनुभव पार्टी को नई दिशा देगा।
चिनाब वैली में संगठन को मिलेगी नई ताकत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह ज्वाइनिंग आने वाले समय में पीडीपी की रणनीति का हिस्सा है। चिनाब वैली में लंबे समय से पीडीपी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है। असगर अली जैसे जमीनी और सम्मानित नेता के आने से न केवल किश्तवाड़ में बल्कि पूरे चिनाब क्षेत्र में पार्टी को एक नई ऊर्जा मिलेगी।
पार्टी ने अपने बयान में साफ कहा है कि यह सिर्फ एक नेता की ज्वाइनिंग नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के बीच बढ़ते भरोसे का प्रतीक है। आगामी राजनीतिक गतिविधियों से पहले पीडीपी की यह सक्रियता यह संकेत दे रही है कि पार्टी जम्मू संभाग में अपना जनाधार फिर से मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।






