
श्रीनगर , 29 Aug : राष्ट्रीय खेल दिवस पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के सबसे ईमानदार शिक्षक हैं। खेल का मैदान कभी झूठ नहीं बोलता, बल्कि वह खिलाड़ी को उसकी वास्तविक स्थिति का अहसास कराता है और बेहतर बनने के लिए मेहनत की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, एकता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का प्रभावी साधन हैं।
हर ग्राम पंचायत में बने खेल का माहौल
मनोज सिन्हा ने कहा कि खेल युवाओं के सपनों को पंख देते हैं। जम्मू-कश्मीर के युवा खिलाड़ियों को देश का उज्ज्वल भविष्य बताते हुए उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेलों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की जरूरत है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अकादमियां स्थापित कर स्थानीय प्रतिभाओं को निखारा जाना चाहिए। ग्रामीण बेटियों को भी आधुनिक खेल सुविधाओं और वैज्ञानिक प्रशिक्षण का समान अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने विश्वविद्यालयों और संस्थानों में खेल विज्ञान, प्रबंधन और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इससे प्रशिक्षक, फिजियोथेरेपिस्ट और खेल प्रबंधकों की नई पीढ़ी तैयार होगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के साथ उनकी मेजबानी भी करेगा।
प्रतिभा पहचान से ही खिलाड़ियों को मिले सहयोग
उपराज्यपाल ने कॉरपोरेट घरानों से अपील की कि वे खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद नहीं, बल्कि प्रतिभा की पहचान के शुरुआती चरण से ही सहयोग दें। उन्होंने कहा कि चैंपियन केवल खिलाड़ी और कोच की मेहनत से नहीं बनते। परिवार, समाज और सपोर्ट स्टाफ भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने युवाओं से 2047 के विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सम्मान के साथ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, हार को गरिमा से स्वीकार करना चाहिए और अपने आचरण से आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण बनना चाहिए। खेलों की एकता की भावना के माध्यम से भाषा और धर्म के मतभेदों से ऊपर उठकर समाज को कुछ लौटाने की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया।
स्वस्थ भारत ही अजेय भारत
नशामुक्त अभियान में युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि विकास का आकलन केवल जीडीपी से नहीं किया जा सकता। नागरिकों का स्वास्थ्य, ऊर्जा और आत्मविश्वास भी विकास के महत्वपूर्ण पैमाने हैं। उन्होंने कहा, “स्वस्थ भारत निडर भारत है। खेलता हुआ भारत आत्मविश्वासी भारत है और आत्मविश्वासी भारत अजेय भारत है।”
उन्होंने युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चाहे क्षेत्र खेल का हो, विज्ञान का या जनसेवा का, सफलता के लिए लक्ष्य की पहचान और सामूहिक प्रयास जरूरी है।
उत्कृष्ट खिलाड़ियों का सम्मान, तीन संस्थाओं से एमओयू
समारोह में उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस की शपथ दिलाई और 69वें राष्ट्रीय स्कूली खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। जम्मू-कश्मीर युवा सेवा एवं खेल निदेशालय और अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन, डैनी स्पोर्ट्स फाउंडेशन तथा कॉमन सर्विसेज सेंटर्स के बीच खेलों को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ।
समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी कुमार, आयुक्त सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी, एसकेयूएएसटी कश्मीर के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई, मंडलायुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग, आइजीपी कश्मीर सुजीत कुमार, श्रीनगर के उपायुक्त अक्षय लाबरू और युवा सेवा एवं खेल महानिदेशक अनुराधा गुप्ता समेत वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रतिनिधि, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।






