
कटड़ा , 29 Aug : शुक्रवार देर रात से शुरू हुई झमाझम बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के बावजूद मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह सुचारू रही। हालांकि, बारिश के कारण महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग पर कुछ स्थानों पर पहाड़ी से कंकड़-पत्थर और मलबा आ गया, जिसे हटाने के लिए रात से ही श्राइन बोर्ड प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था।
मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों के साथ सफाई कर्मचारी और आपदा प्रबंधन दल मौके पर जुटे रहे। मार्ग की सफाई और निरीक्षण का कार्य पूरा होने के बाद शनिवार दोपहर करीब एक बजे बैटरी कार मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा सुचारू कर दिया गया। इस दौरान मां वैष्णो देवी के पारंपरिक मार्ग से यात्रा सामान्य रूप से जारी रही और श्रद्धालुओं को भवन की ओर जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
बैटरी कार मार्ग पर जमा कंकड़-पत्थर और मलबा हटाती जेसीबी मशीन, सफाई के बाद मार्ग श्रद्धालुओं के लिए किया गया सुचारू। फोटो- इंटरनेट मीडिया
दोपहर बाद मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिला। मां वैष्णो देवी के त्रिकूट पर्वत सहित आसपास का क्षेत्र बादलों से घिरा रहा और दिनभर ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। टीमें लगातार यात्रा मार्ग की निगरानी करती रहीं।
देश के विभिन्न हिस्सों से कटड़ा पहुंच रहे श्रद्धालु
खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से कटड़ा पहुंच रहे श्रद्धालु पंजीकरण करवाने के बाद परिवार और मित्रों के साथ जयकारे लगाते हुए भवन की ओर रवाना होते रहे। प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से भी यात्रा की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और परेशानी मुक्त बनी रहे। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती रहीं।
वहीं, खराब मौसम के कारण कटड़ा से भवन के लिए चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा शनिवार को स्थगित रही। शनिवार दोपहर तीन बजे तक करीब 10 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे, जबकि श्रद्धालुओं के कटड़ा पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी था।






