
जम्मू ,24 Aug : अम्बफला से रूपनगर तक प्रस्तावित फ्लाईओवर के विरोध में दुकानदारों, लोगों ने रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फ्लाईओवर के बजाय मांडा से रिंग रोड बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे न तो उन्हें नुकसान होगा और न ही विभाग को फालतू के खर्च करने पड़ेंगे।
यह प्रदर्शन मिशन स्टेटहुड के अध्यक्ष सुनील डिंपल के नेतृत्व में सोमवार को न्यू प्लाट क्षेत्र में जानीपुर मार्ग पर किया गया। इसमें बड़ी संख्या में फ्लाईओवर की जद में आ रहे व्यापारियों, महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना किसी स्टेक होल्डर, स्थानीय निवासी और व्यापारी को भरोसे में लिए फ्लाईओवर की प्रक्रिया शुरू कर दी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से सवाल
सुनील डिम्पल ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से सवाल किया कि उन 70 साल पुराने निवासियों और व्यापारियों के लिए सरकार की पुनर्वास और मुआवजे की क्या योजना है? कुछ साल पहले ही हजारों घरों के शौचालयों से जुड़ी एक हजार करोड़ रुपये की सीवरेज पाइपलाइन और 500 करोड़ रुपये की ईरा पेयजल लाइनें बिछाई गई हैं।
फ्लाईअोवर के निर्माण से यह सब नष्ट हो जाएगा। फ्लाईओवर के नीचे सैकड़ों बिजली के खंभे और पूरी विद्युत आपूर्ति प्रणाली ठप हो जाएगी। हजारों दुकानदारों और किराएदारों की आजीविका को कैसे बचाया जाएगा?
रिंग रोड एक बेहतर विकल्प
डिंपल ने कहा कि ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए एक बेहतर विकल्प है। सरकार अम्बफला मांडा से हाई कोर्ट, रूपनगर, बन तालाब होते हुए अखनूर तक एक रिंग रोड बनाए और अम्बफला से अखनूर तक मेट्रो ट्रेन शुरू करे। इस रिंग रोड प्रोजेक्ट से ज्यादा लागत भी नहीं आएगी और व्यापारियों की आजीविका भी प्रभावित नहीं होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना नोटिस दिए और बिना बातचीत के सरकार ने डिमार्केशन शुरू कर दिया है, दुकानों पर निशान लगा दिए हैं और मिट्टी की जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने घोषणा की कि आज से जन आधारित आंदोलन जारी रहेगा। फ्लाईओवर के निर्माण को रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन, रैलियां, धरने, भूख हड़ताल और यहां तक कि जम्मू बंद का आह्वान भी किया जाएगा।
उन्होंने सभी व्यापारियों और निवासियों से अपील की कि वे सरकार की इस योजना को रोकने के लिए एकजुट हों। इस प्रदर्शन में स्वीटी कौर, विजय शर्मा, अनिल शर्मा, कुलदीप कुमार, अर्जुन कुमार, सचिन सोई और अन्य कई प्रमुख नेता भी शामिल रहे।






