
उज्जैन , 17 Aug : मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के महा-संयोग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. महाकाल मंदिर के तीसरे तल पर स्थित साल में सिर्फ एक दिन खुलने वाले श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए सोमवार को करीब 5.50 लाख श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा था.
इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास एक झूठी अफवाह ने ऐसी दहशत फैलाई कि वहां भयंकर भगदड़ मच गई. इस हादसे में 13 श्रद्धालु बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
कैसे फैली अफवाह और क्यों मची भगदड़? (Nagchandreshwar Mandir Ujjain stampede)
जानकारी के मुताबिक, हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कतार में खड़ी थी. तभी किसी ने अफवाह उड़ा दी कि पास ही लगे बिजली के डीपी (DP) में करंट फैल गया है. ‘करंट’ शब्द सुनते ही दर्शन के लिए घंटों से लाइन में खड़े लोगों में अचानक दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालु बैरिकेड्स से टकराकर गिर पड़े और दबने लगे.
गुजरात और बिहार से आए लोग हुए घायल (Ujjain Nag Panchami stampede)
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और घायलों को तुरंत स्थानीय चरक अस्पताल (Charak Hospital) पहुंचाया. इस भगदड़ में करीब 13 लोगों को चोटें आई हैं. वापी (गुजरात) से आए हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट लगी है. इसके अलावा घायलों में गंजबासौदा की अनसूया और उनकी मां ममता, दरभंगा (बिहार) के सुजीत कुमार, ग्वालियर की सोनम और खुशी, तथा वलसाड (गुजरात) की रेखा बाई और उनकी बेटी तुलसी शामिल हैं.
अब हालात पूरी तरह काबू में (Mahakal Mandir stampede Update)
इस खौफनाक अफवाह और भगदड़ के कारण कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी. लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी और पुलिस के तुरंत एक्शन लेने से हालात पर जल्द ही काबू पा लिया गया. फिलहाल अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उन पर नजर रखे हुए है. महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर में अब दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें.






