
Swiggy Zomato Boycott , 29 July : अगर आप बेंगलुरु में रहते हैं और अक्सर स्विगी या जोमैटो से बिरयानी या अन्य खाना ऑर्डर करते हैं तो स्वतंत्रता दिवस के बाद आपके पसंदीदा होटल और रेस्टोरेंट इन ऐप्स पर नजर नहीं आ सकते. दरअसल, शहर के 1,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट मालिकों ने इन प्लेटफॉर्म्स से हटने की चेतावनी दी है.
क्यों उठी नाराजगी?
रेस्टोरेंट मालिकों का आरोप है कि स्विगी और जोमैटो गुपचुप तरीके से कीमतों में कटौती कर रहे हैं और भारी कमीशन वसूल रहे हैं. इससे पहले से ही कम मुनाफा और घट रहा है. एसोसिएशन का कहना है कि इन कटौतियों का सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ रहा है जबकि किराया, स्टाफ और कच्चे माल का खर्च उन्हें खुद उठाना पड़ता है.
रेस्टोरेंट्स की मांगें
संघ ने दोनों कंपनियों को 15 अगस्त से पहले लिखित जवाब देने को कहा है. उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- ग्राहक की शिकायत पर तुरंत पैसे काटने की प्रक्रिया बंद हो.
- खाना तैयार होने के बाद ऑर्डर कैंसिल होने पर नुकसान की भरपाई हो.
- बिना रेस्टोरेंट की सहमति के कोई डिस्काउंट न दिया जाए.
- पेमेंट से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए.
संघ का सख्त रुख
होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी राव ने कहा कि कंपनियों को मनमानी कटौती और अतिरिक्त विज्ञापन शुल्क बंद करना चाहिए. उनका कहना है कि ये तरीके न सिर्फ होटल मालिकों बल्कि ग्राहकों पर भी बोझ डाल रहे हैं.
ग्राहकों पर असर
अगर यह विवाद सुलझा नहीं, तो हजारों रेस्टोरेंट्स अचानक इन ऐप्स से हट सकते हैं. इसका सीधा असर ग्राहकों के ऑर्डर पर पड़ेगा और कई लोकप्रिय खाने-पीने की जगहें ऐप्स पर उपलब्ध नहीं होंगी.
शेयर मार्केट की हलचल
इस खबर का असर कंपनियों के शेयरों पर भी दिख सकता है. फिलहाल Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal का शेयर 1.30% बढ़कर 312 रुपए पर पहुंच गया, जबकि Swiggy का शेयर 7.32% उछलकर 288 रुपए के पार निकल गया.






