
श्रीनगर, 24 July : घाटी में बीते पांच दिनों से घाटी में चले आ रहे खराब मौसम के चलते सामान्य जनजीवन लगातार अस्त-व्यस्त बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते झेलम समेत अधिकांश जलस्रोतों में बढ़ता जलस्तर लोगों की नींदा उड़ा रहा है।
17 लाख आबादी वाले श्रीनगर शहर में भी लोग शहर के बीचो-बीच बह रही झेलम नदी के उफान पर आने से दहशत में हैं और प्राथनाएं कर रहे हैं कि उन्हें 2014 में आई विनाशकारी बाढ़ जैसी स्थिति का फिर से सामना न करना पड़े। हालांकि, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग कहना है कि शहर में बाढ़ का खतरा नहीं है।अलबत्ता लोग विशेषकर झेलम नदी के इर्द गिर्द रहने वाले अधिकांश लोगों ने अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है और खुद भी बिलकुल सतर्क होकर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि झेलम के हालात देख उन्हें लग रहा है कि किसी भी पल झेलम का पानी तटबंध तोड़ रिहायशी इलाकों में घुस जाएगा।
स्थानीय निवासी फारूक अहमद काटजू नाम के एक व्यक्ति ने कहा, ‘मैंने अपने घर का सारा सामान अपने मकान की तीसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया है और अपनी फैमिली को भी कह दिया है कि खतरा भांपते ही हमें अपना मकान छोड़कर भागना पड़ेगा। क्योंकि हमारी पहली कोशिश अपनी जान बचानी होगी।’
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