
जम्मू , 21 July : जम्मू-कश्मीर सरकार ने सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने जम्मू-कश्मीर फैमिली पेंशन-कम-ग्रेच्युटी नियम, 1964 में अहम संशोधन किया है, जिसके बाद अब रिटायरमेंट के बाद मृत्यु होने पर भी परिवार को लंबे समय तक बढ़ी हुई दर पर पेंशन मिल सकेगी।
नियमों में क्या किया गया है बदलाव?
वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, यदि किसी सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रित परिवार को अब बढ़ी हुई दर से फैमिली पेंशन दी जाएगी।
यह बढ़ी हुई पेंशन दो शर्तों में से जो अवधि कम होगी, उस तक लागू रहेगी:
- मृत्यु की तारीख से 7 वर्ष तक, अथवा
- उस तारीख तक, जिस दिन मृतक कर्मचारी यदि जीवित रहता तो 67 वर्ष की आयु पूरी करता।
पहले इस तरह की स्थिति में परिवार को तुरंत सामान्य दर पर फैमिली पेंशन पर आना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। नए प्रावधान से उस कठिन दौर में परिवार को आर्थिक सहारा मिलता रहेगा। यह संशोधन उपराज्यपाल द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है।
सरकार ने यह संशोधन जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा विनियम, खंड-द्वितीय की अनुसूची-15 में शामिल जम्मू-कश्मीर फैमिली पेंशन-कम-ग्रेच्युटी नियम, 1964 के नियम-20 के नोट-4 के अंतर्गत दूसरे प्रावधान के रूप में जोड़ा है। यह अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।
किसे मिलेगा फायदा, किसे नहीं?
सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस संशोधन का लाभ सभी नए मामलों पर लागू होगा। अधिसूचना जारी होने की तिथि तक जो भी मामले पेंशन विभाग में लंबित हैं, उनका निपटारा अब इसी नए और संशोधित नियम के अनुसार किया जाएगा।
जिन मामलों का निपटारा पहले ही पुराने नियमों के तहत हो चुका है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा।
यह फैसला हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवारों के लिए सीधे तौर पर राहत लेकर आया है, जो रिटायरमेंट के बाद परिवार के मुखिया के निधन पर आर्थिक असुरक्षा का सामना करते थे।






