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जम्मू , 21 July : जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अगली 48 घंटे बेहद अहम और सतर्कता बरतने वाले हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक आज शाम तक मौसम प्रणाली और ज्यादा सक्रिय हो जाएगी, जिसके चलते पूरे जम्मू-कश्मीर में व्यापक तौर पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है।
ये सिर्फ एक सामान्य बारिश नहीं है, बल्कि लगातार और तेज मूसलाधार बारिश का सिलसिला है, जो आम जनजीवन को सीधे प्रभावित कर सकता है। लगातार हो रही तीव्र वर्षा के कारण कश्मीर घाटी की जीवनरेखा कही जाने वाली झेलम नदी और उसकी सहायक नदियों, नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है।
श्रीनगर, अनंतनाग, बारामुला, कुलगाम और बांडीपोरा के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है। अगर आप नदी, नाले या किसी निचले इलाके के करीब रहते हैं तो अभी से सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कई जगहों पर पानी घरों और सड़कों तक पहुंच सकता है।
वहीं पहाड़ी और कमजोर इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन का खतरा सबसे ज्यादा है। पहाड़ों से मलबा आने से श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग बाधित हो सकते हैं।
जम्मू में कल सुबह तक बाढ़ जैसे हालात, तवी और चिनाब पर नजर
खतरा सिर्फ घाटी तक सीमित नहीं है। जम्मू संभाग में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जम्मू में तवी नदी, चिनाब और अन्य बरसाती नालों का जलस्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज रात से कल सुबह तक नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता है।
जम्मू शहर, अखनूर, राजौरी, पुंछ, डोडा, कठुआ और सांबा के निचले इलाकों में कल सुबह बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से पूरी तरह बचें।
प्रशासन ने कहा- लोगों की सुरक्षा सबसे पहले
प्रशासन ने यह यकीन दिलाया है कि आम लोगों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से भी इन बातों का ध्यान रखने को कहा।
- अनावश्यक यात्रा से बचें: अगले 48 घंटों तक, खासकर पहाड़ी इलाकों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सफर टाल दें। अगर बहुत जरूरी न हो तो घर पर ही रहें।
- अफवाहों से बचें, सजग रहें: किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। केवल प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। अपने मोबाइल में बैटरी और पावर बैंक चार्ज रखें।
- जरूरी सामान तैयार रखें: पीने का पानी, दवाइयां, टॉर्च, जरूरी कागजात और खाने का कुछ सामान एक जगह सुरक्षित रख लें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान: निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित ऊपरी स्थानों पर ले जाने की तैयारी रखें। पशुओं को भी नदी-नाले से दूर रखें।
मौसम में सुधार होने तक सभी लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से संपर्क करें।






