
महाराष्ट्र , 9 July : महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में मानसून की लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है. नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है. लेकिन इसी बीच पेण और खालापुर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और अनोखी घटना (Raigad LPG Cylinder Flood) सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. यहां के पातालगंगा नदी में अचानक सैकड़ों-हजारों की संख्या में एलपीजी गैस सिलेंडर तेज बहाव के साथ पानी की लहरों पर तैरते हुए दिखाई दिए.
धरमतर खाड़ी की ओर बहते इन सिलेंडरों का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही आग की तरह वायरल हो गया है. वीडियो में स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी से सिलेंडर निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
कैसे बह गए 3000 गैस सिलेंडर?(Raigad LPG Cylinder Flood)
आधिकारिक सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, खालापुर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर बाढ़ के तेज पानी में बह गए. बताया जा रहा है कि इन बहे हुए सिलेंडरों में कुछ पूरी तरह से भरे हुए हैं, तो कुछ खाली हैं.
प्राथमिक जांच के अनुसार, अतिरिक्त महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC), चावणे (पातालगंगा) स्थित प्लॉट नंबर E-1/7 में मौजूद गोदाम में भारी बारिश के कारण अचानक जलभराव हो गया. पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि गोदाम की सुरक्षा दीवार को लांघकर यह सारे सिलेंडर सीधे पातालगंगा नदी की मुख्य धारा में समा गए.
हुक डालकर सिलेंडर निकालने की मची होड़(LPG Cylinder Flood Viral Video)
जैसे ही स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को नदी में हजारों की तादाद में गैस सिलेंडर बहने की भनक लगी, मौके पर लोगों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया. देखते ही देखते कई स्थानीय लोग नदी के किनारे खड़े होकर रस्सी, बांस और लोहे के हुक की मदद से पानी में बह रहे सिलेंडरों को बाहर खींचने की जुगाड़ में जुट गए.
कुछ लोग तो बाढ़ के खतरनाक बहाव की परवाह किए बिना पानी के करीब पहुंच गए ताकि बहते हुए सिलेंडरों पर अपना कब्जा जमा सकें. सोशल मीडिया पर इस नजारे के कई अलग-अलग वीडियो तैर रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग अपनी आंखें मलने को मजबूर हैं कि आखिर पानी में इतनी भारी संख्या में सिलेंडर कैसे तैर सकते हैं.
रायगढ़ के जिलाधिकारी ने की अपील
इस पूरे वाकये (Raigad LPG Cylinder Flood) के बाद रायगढ़ के जिलाधिकारी (डीएम) ने नागरिकों और स्थानीय लोगों से बेहद कड़क और जरूरी अपील जारी की है. प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि किसी भी नागरिक को ये गैस सिलेंडर नदी से मिले हैं, तो उन्हें कानूनी रूप से अपने पास रखने के बजाय तुरंत संबंधित तहसीलदार कार्यालय या HPCL के नजदीकी अधिकृत डीलर के पास सुरक्षित जमा कराएं.
प्रशासन ने चेतावनी भरे लहजे में लोगों को समझाया है कि गैस सिलेंडर बेहद संवेदनशील और खतरनाक सामग्री है, इसलिए इसे घर में रखना दुर्घटना को न्यौता देना हो सकता है. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और लापता सिलेंडरों को वापस एकत्र करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है.






