
महाराष्ट्र , 4 July : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की तबीयत अचानक खराब होने के बाद उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई. हालांकि राहत की बात यह है कि डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को फिलहाल पूरी तरह स्थिर बताया है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है.
लगातार व्यस्तता का पड़ा असर
पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से एकनाथ शिंदे लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, बैठकों और यात्राओं में व्यस्त थे. काम का दबाव इतना अधिक था कि उन्हें आराम करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया. इसी वजह से उनकी सेहत पर असर पड़ा और अत्यधिक थकान के साथ तेज बुखार तथा कमजोरी महसूस होने लगी.
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र चल रहा था. इसी दौरान उन्हें अस्वस्थ महसूस हुआ. शुरुआत में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां निभाने की कोशिश की, लेकिन जब कमजोरी और बुखार बढ़ गया तो डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और इलाज जारी है. पार्टी नेताओं का कहना है कि चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है. उन्हें केवल पर्याप्त आराम और चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है. डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
‘ऑपरेशन टाइगर’ के दौरान रहे सक्रिय
हाल के दिनों में एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र की राजनीति में काफी सक्रिय नजर आए. खास तौर पर ‘ऑपरेशन टाइगर’ अभियान के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने और नए नेताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए लगातार बैठकें कीं. इसी अभियान के तहत उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों और एमएलसी सचिन अहीर ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थामा.
इस राजनीतिक अभियान को सफल बनाने के लिए उन्हें कई दौर की बैठकों में शामिल होना पड़ा. इसके अलावा नई दिल्ली की लगातार यात्राओं और संगठनात्मक गतिविधियों ने भी उनके काम का बोझ काफी बढ़ा दिया था. माना जा रहा है कि यही लगातार व्यस्तता उनकी तबीयत खराब होने की प्रमुख वजह बनी.






