
MP , 3 July : प्रयागराज महाकुंभ के दौरान माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर अपनी बिल्लौरी आंखों की वजह से चर्चा में आईं मोनालिसा (Monalisa Viral Girl) से शादी का दावा करने वाले फिल्म निर्माता मोहम्मद फरमान खान को बड़ा झटका लगा है. पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में विशेष न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया.
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर थाना क्षेत्र की रहने वाली मोनालिसा को नाबालिग बताते हुए फिल्म निर्माता मोहम्मद फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. अदालत ने शुरुआती जांच के आधार पर मामले को गंभीर माना और कहा कि फिलहाल उन्हें अग्रिम जमानत देना सही नहीं होगा.
फिल्म में काम का झांसा, फिर करली शादी
अभियोजन के मुताबिक, 25 मार्च 2026 को मोनालिसा के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि फिल्म निर्माता मोहम्मद फरमान खान उनकी बेटी को फिल्मों में काम दिलाने का सपना दिखाकर केरल ले गया, जहां उसने उससे शादी कर ली. परिवार को दोनों के संपर्क में होने की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली थी.
जन्मतिथि को लेकर विवाद
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अदालत में मोनालिसा के जन्म से जुड़े दस्तावेज पेश किए. इनके अनुसार उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से पेश किए गए जन्म प्रमाण-पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि वह बाद में बनवाया गया है. पुलिस ने यह भी बताया कि फरमान खान ने जांच में सहयोग नहीं किया और उसके सबूतों से छेड़छाड़ करने या फरार होने की आशंका है.
बचाव पक्ष ने क्या कहा?
फरमान खान की ओर से अदालत में कहा गया कि मोनालिसा अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी और उसने खुद को बालिग बताया था. बचाव पक्ष का दावा है कि दोनों ने आपसी सहमति से शादी की, जिसका पंजीयन भी कराया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि पीड़िता के पिता की शिकायत के बाद उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया.






