
श्रीनगर, 27 June : पूर्व केंद्रीय मंत्री और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सदर-ए-रियासत डॉ. कर्ण सिंह ने शनिवार को कहा कि कश्मीर केवल भौगोलिक दृष्टि से नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के कारण भी “भारत का मुकुट” है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदियों से सांप्रदायिक सौहार्द, सह-अस्तित्व और साझा संस्कृति की पहचान रहे कश्मीर की इस विरासत को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में आयोजित अंतरधार्मिक संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने महात्मा गांधी के उस ऐतिहासिक कथन को याद किया, जिसमें उन्होंने विभाजन की हिंसा के दौर में कश्मीर को “उम्मीद की एक किरण” बताया था। उन्होंने कहा, “गांधीजी ने उस कठिन समय में कहा था कि यदि उन्हें कहीं प्रकाश और आशा की किरण दिखाई देती है तो वह कश्मीर में है। यह सम्मान यहां की सांप्रदायिक सौहार्द और सह-अस्तित्व की परंपरा के कारण मिला था।”





