
जम्मू , 26 June : जम्मू-कश्मीर को पोलियाे उन्मुक्त बनाए रखने के लिए 28 जून से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान में इस बार प्रदेश में पांच वर्ष से कम आयु के 18,91,821 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के लिए 24,176 वैक्सीन कैरियर सुरक्षित कोल्ड चेन व्यवस्था के तहत पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
यही नहीं अभियान को सफल बनाने के लिए 40,291 वैक्सीनेटर, 2,610 पर्यवेक्षक, 10,253 टीकाकरण बूथ, 791 ट्रांजिट प्वाइंट, 337 मेला एवं बाजार स्थल तथा 825 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं।यह जानकारी वीरवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू को परिवार कल्याण एवं टीकाकरण विभाग के अधिकारियों ने दी। आयुक्त सिचव आगामी पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के सफल आयोजन को लेकर राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए तैयारियों और माइक्रो-प्लानिंग की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे।
आयुक्त सचिव ने उपायुक्तों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए और विशेष क्षेत्रों व ट्रांजिट स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल टीमें घुमंतू बस्तियों, प्रवासी झुग्गियों, ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों तथा औद्योगिक क्षेत्रों जैसे उच्च जोखिम वाले इलाकों में विशेष अभियान चलाएं।उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, बस अड्डों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख पर्यटन एवं पिकनिक स्थलों पर ट्रांजिट टीमें तैनात की जाएं ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के दोनों स्वास्थ्य निदेशालयों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने गैर-पोलियो एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस (एएफपी) निगरानी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जम्मू-कश्मीर में 15 वर्ष से कम आयु वर्ग में एएफपी निगरानी दर 6.6 प्रति एक लाख आबादी दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 3.6 से काफी अधिक है और निर्धारित लक्ष्य से भी बेहतर है।
बैठक के अंत में एम. राजू ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान की गुणवत्ता और कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों, नागरिकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और 28 जून को पांच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को जिंदगी की दो बूंद अवश्य पिलाएं।






