
उज्जैन , 3 April: मध्यप्रदेश के उज्जैन की पार्श्वनाथ सिटी में शुक्रवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब कनाडा में बेरहमी से मौत के घाट उतारे गए छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा का पार्थिव शरीर 21 दिन बाद घर पहुंचा. दरअसल 14 मार्च को हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद से ही परिवार अपने लाल की आखिरी झलक पाने की आस में बैठा था. गुरुवार शाम कनाडा से शव अहमदाबाद पहुंचा, जहां से देर रात एम्बुलेंस के जरिए उसे उज्जैन लाया गया. जैसे ही ताबूत घर की दहलीज पर पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गमगीन हो गया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचते ही सीधे गुरकीरत के घर जाकर पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया. मुख्यमंत्री ने इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के निरंतर प्रयासों से ही शव को इतनी जल्दी स्वदेश लाना संभव हो सका. उनके साथ प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया और विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी दिवंगत आत्मा को नमन किया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
कैसे बेरहमी से मारा गया गुरकीरत?
कनाडा से आई इस मौत की खबर ने रूह कंपा दी थी. जानकारी के मुताबिक, करीब 12 हमलावरों ने गुरकीरत को पहले बेरहमी से पीटा और फिर उन पर गाड़ी चढ़ा दी थी, जिससे उनकी जान चली गई. उज्जैन के देवास रोड स्थित निवास पर अरदास के बाद जब अंतिम विदाई का सफर शुरू हुआ, तो हर आंख नम थी. चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में गुरकीरत का अंतिम संस्कार किया गया, जहां शहर के गणमान्य नागरिकों ने भारी मन से अपने होनहार लाल को अंतिम विदाई दी.
विदेश में छात्रों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
गुरकीरत की इस दर्दनाक हत्या ने एक बार फिर विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. उज्जैन का यह होनहार छात्र बेहतर भविष्य के सपने लेकर कनाडा गया था, लेकिन वहां की हिंसा ने एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अब इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं. भारत सरकार ने भी इस मामले को कनाडाई अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाया है ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके.
शोक में डूबा उज्जैन
पार्श्वनाथ सिटी से चक्रतीर्थ तक निकली शव यात्रा में शामिल हर शख्स की आँखों में गुस्सा और दुख साफ देखा जा सकता था. स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरकीरत मिलनसार और होनहार युवक था, जिसकी ऐसी मौत पर यकीन करना मुश्किल है. अंतिम संस्कार के समय पूरा उज्जैन जैसे शोक की लहर में डूब गया. मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की उपस्थिति ने परिवार को संबल तो दिया, लेकिन उस कमी को पूरा करना नामुमकिन है जो गुरकीरत के जाने से इस घर में पैदा हो गई है.
Warning: Trying to access array offset on false in /home/areomziw/nawaiduggar.com/wp-content/themes/goodnews5/framework/functions/momizat_functions.php on line 104
Warning: Trying to access array offset on null in /home/areomziw/nawaiduggar.com/wp-content/themes/goodnews5/framework/functions/posts_share.php on line 66
Warning: Trying to access array offset on null in /home/areomziw/nawaiduggar.com/wp-content/themes/goodnews5/framework/functions/posts_share.php on line 82







