
Foreign Desk , 26 Mar : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा जा रहा है कि ईरान ने युद्ध में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु घटाकर 12 साल कर दी है। इन दावों में कहा गया है कि Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) अब 12 साल या उससे अधिक उम्र के लड़कों को “युद्ध समर्थन गतिविधियों” के लिए भर्ती कर सकता है। इसे ईरान-इराक युद्ध (1980s) की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है, जब कथित तौर पर कम उम्र के युवाओं का इस्तेमाल किया गया था। ये भी माना जा रहा है कि जंग में ज्यादातर सैनिकों का सफाया हो चुका है जिस कारण सरकार को ये फैसला लेना पड़ा है। ईरान की तरफ से इस बारे में कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि इस दावे की कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न ही ईरान सरकार या किसी विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इस नीति की पुष्टि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा युद्ध के दौरान सूचना युद्ध (information warfare) भी तेज हो गया है, जहां इस तरह के दावे मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए फैलाए जा सकते हैं। इसलिए ऐसी खबरों को सावधानी से देखने की जरूरत है। अगर भविष्य में इस तरह की किसी नीति की पुष्टि होती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा, क्योंकि बच्चों को युद्ध में शामिल करना वैश्विक नियमों के खिलाफ है। Agency.







