
Foreign Desk, 19 Mar : मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब पाकिस्तान की ऊर्जा स्थिति पर साफ दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार देश के पास कच्चे तेल का स्टॉक केवल 11 दिनों के लिए बचा है, जबकि LPG सिर्फ 9 दिन, डीजल 21 दिन और पेट्रोल 27 दिन तक चल सकता है। इस संकट की मुख्य वजह यह है कि पाकिस्तान अपनी लगभग 70% तेल जरूरत मिडिल ईस्ट से पूरी करता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन और खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री रास्ते प्रभावित हो रहे हैं, जिससे तेल और गैस समय पर नहीं पहुंच पा रहे।
गैस की स्थिति भी चिंताजनक है। मार्च में आने वाले LNG कार्गो में से केवल 2 ही पाकिस्तान पहुंच पाए हैं, और अप्रैल में भी सप्लाई बाधित रहने की आशंका है। ऐसे में 14 अप्रैल के बाद देश में गंभीर गैस संकट खड़ा हो सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए पाकिस्तान Iran से बातचीत कर रहा है, ताकि होर्मुज के रास्ते तेल की सप्लाई जारी रखी जा सके। अगर अनुमति मिलती है, तो कुछ जहाजों के जरिए कच्चा तेल लाया जा सकता है।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं, जिससे महंगाई बढ़ रही है। सरकार ने राहत के तौर पर बाइक और रिक्शा चालकों के लिए सब्सिडी देने का फैसला किया है। स्थिति को संभालने के लिए सरकार रोजाना ईंधन स्टॉक की समीक्षा कर रही है और जरूरत पड़ने पर उद्योगों को गैस सप्लाई कम करके घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा सकती है। कुल मिलाकर, अगर मिडिल ईस्ट में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो पाकिस्तान को आने वाले दिनों में गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है।






