
BJP candidate list Assam Kerala 2026 Modi Amit Shah: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है. दिल्ली में हुई बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद असम की पहली बड़ी लिस्ट और केरल की दूसरी सूची जारी की गई है. असम में जहां पार्टी ने 88 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर एक साथ बड़ी बढ़त बनाने की कोशिश की है.
वहीं केरल में भी 39 नए नामों के साथ चुनावी समीकरणों को धार दी गई है. इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ असम के चुनाव प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं ने सीटों के गणित पर घंटों चर्चा की, जिसके बाद ‘विजेता उम्मीदवारों’ के नामों की यह सूची सार्वजनिक की गई.
असम: 88 उम्मीदवारों के साथ ‘मिशन रिपीट’ की तैयारी
असम में बीजेपी ने अपनी 88 सीटों वाली सूची में अनुभवी चेहरों और नए समीकरणों का संतुलन बिठाया है. पार्टी ने गोलकगंज से अश्विनी राय सरकार और धुबरी से उत्तम प्रसाद को मैदान में उतारकर सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है.
इसके अलावा बिरसिंग जरूआ से माधवी दास, गोलपारा पश्चिम से पबित्र राभा और दुधनई से टंकेश्वर राभा को टिकट देकर पार्टी ने स्थानीय जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है. इन नामों की घोषणा के साथ ही असम में बीजेपी ने कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के खिलाफ अपना मोर्चा पूरी तरह खोल दिया है.
केरल: 39 नामों की दूसरी लिस्ट में ‘उत्तर से दक्षिण’ तक फोकस
केरल में बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची में 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. पार्टी ने यहां कासरगोड, कोंगड और एर्नाकुलम जैसी हॉट सीटों पर अपने योद्धा उतार दिए हैं. कासरगोड से अश्विन एमएल को प्रत्याशी बनाया गया है, जबकि मलप्पुरम जैसी चुनौतीपूर्ण सीट पर अश्वथी कुमार को जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले पार्टी ने 47 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी.
इस दूसरी लिस्ट के साथ बीजेपी ने केरल की 140 सीटों में से अब तक 86 सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं, जिससे साफ है कि पार्टी इस बार केरल में ‘त्रिकोणीय मुकाबले’ को और अधिक तीव्र करने जा रही है.
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद ऐलान
बताते चलें कि प्रत्याशियों के चयन के लिए हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष (प्रभारी) नितिन नवीन ने की. बैठक में अमित शाह की भूमिका रणनीति और फीडबैक के स्तर पर सबसे अहम मानी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने प्रत्येक सीट पर ‘विनिबिलिटी’ को ही एकमात्र पैमाना रखने के निर्देश दिए थे. यही वजह है कि कई मौजूदा विधायकों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उनके टिकटों पर भी कैंची चलने की चर्चा है. अमित शाह का फोकस विशेष रूप से उन सीटों पर है जहां बीजेपी पिछले चुनाव में मामूली अंतर से हारी थी.







