
श्रीनगर/जम्मू , 23 Jan : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को बताया कि कश्मीर घाटी में तेज हवाओं के साथ हुई भारी बर्फबारी से व्यापक नुकसान हुआ है। इससे बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पहले से सतर्क था, लेकिन इस वर्ष बर्फबारी देर से हुई और अचानक तेज हवाओं के साथ आई। श्रीनगर में प्रतिदिन लगभग 1700 मेगावाट बिजली मिलने के बावजूद, शुक्रवार सुबह यह घटकर मात्र 100 मेगावाट रह गई।
उन्होंने कहा कि हालात अब धीरे-धीरे सुधर रहे हैं और संबंधित विभाग कठिन मौसम में भी दिन-रात काम कर रहे हैं। प्राथमिकता के आधार पर मुख्य सड़कों की सफाई जारी है, वहीं अन्य मार्गों को खोलने का प्रयास भी लगातार चल रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिजली, सड़क संपर्क और जलापूर्ति बहाल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जम्मू संभाग में भी बिजली आपूर्ति बहाली के प्रयास जारी : जम्मू संभाग में लगातार बारिश और भारी बर्फबारी के कारण बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। पेड़ गिरने से हाई-टेंशन और लो-टेंशन लाइनों को क्षति हुई, जिससे बिजली मांग रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर 140 मेगावाट तक घट गई। सामान्य दिनों में यह औसतन 1070 मेगावाट रहता है।
जे.पी.डी.सी.एल. के अनुसार बहाली प्रयासों के चलते बिजली आपूर्ति अब 564 मेगावाट तक बढ़ गई है, यानी लगभग 52 प्रतिशत बिजली बहाल की जा चुकी है। सबसे अधिक प्रभावित जिले पुंछ, राजौरी, कठुआ, डोडा, उधमपुर, रियासी, रामबन, किश्तवाड़, साम्बा और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र हैं।
सब-ट्रांसमिशन स्तर पर 181 में से 92 (66/33 के.वी.) लाइनों को बहाल किया गया, जबकि वितरण स्तर पर 1373 में से 568 (11 के.वी.) फीडर चालू किए जा चुके हैं। शेष फीडरों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य जारी है।





