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प्रयागराज , 23 Jan : प्रयागराज में संगम स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) विवाद अब तूल पकड़ता दिख रहा है. इस मामले में अब कई साधु-संतों के बयान सामने आ रहे है. कोई सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है तो कोई शंकराचार्या को लेकर प्रश्न कर रहा है.
जानिए पूरा मामला
रविवार (18 जनवरी) को मौनी अमावस्या के अवसर पर मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को गंगा स्नान की अनुमति नहीं दी. इसके बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई. हालात बिगड़ने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया.
इस पूरे मामले में प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं. नोटिस जारी किए जाने से संत समाज में नाराजगी और अधिक बढ़ गई है.
साधु-संतों ने क्या कहा?
इस घटना के बाद देशभर के साधु-संतों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कई संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरे, जबकि कुछ ने संयम और आपसी समझ से विवाद सुलझाने की अपील की.
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि साधु-संतों का अपमान गलत है और प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए. वहीं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि पूरे मामले में संयम जरूरी था और संतों के साथ मारपीट स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने विवाद को आपसी संवाद से सुलझाने की बात कही.
बाबा रामदेव ने क्या कहा?
इस पूरे विवाद पर स्वामी रामदेव (Ramdev) का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि मामले को आपसी समझ से सुलझा लिया जाएं. आपसी लड़ाई से सनातन कमजोर होता है और बाहरी चुनौती पहले से मौजूद है. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि साधु-संतों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी या व्यवहार अस्वीकार्य है.
स्वामी रामदेव ने आगे कहा कि तीर्थ स्थलों पर कोई भी तरह का एजेंडा या अहंकार लेकर नहीं आना चाहिए. साधु का अर्थ ही अहंकार त्यागना होता है.
महाराष्ट्र के नागपुर में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए पश्चिमाम्नाय द्वारकाशारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज (Sadanand Saraswati Maharaj) ने प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन हुई घटना की कड़ी निंदा की.
राजनीतिक बयानबाजी तेजइस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य के अपमान से हर सनातनी आहत है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगी सनातन परंपरा को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं. वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शंकराचार्य अच्छे से स्नान करें और इस विवाद को यहीं समाप्त किया जाए.
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