
New Delhi , 16 Jan : शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में जश्न का माहौल था. मौका था ‘स्टार्टअप इंडिया मिशन’ के 10 साल पूरे होने का. इस ऐतिहासिक अवसर पर पीएम मोदी ने देश के युवा उद्यमियों और इनोवेटर्स को संबोधित किया. पीएम मोदी ने गर्व के साथ ऐलान किया कि पिछले एक दशक में स्टार्टअप इंडिया मिशन महज एक सरकारी योजना से बढ़कर अब एक ‘क्रांति’ का रूप ले चुका है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि 10 साल पहले जहां इनोवेशन की गुंजाइश ना के बराबर थी, वहीं आज हमने युवाओं को ‘खुला आसमान’ दिया है, जिसका नतीजा पूरी दुनिया देख रही है. इसके साथ ही उन्होंने आगे के प्लान के बारे में चर्चा की है.
500 से 2 लाख तक की उड़ान
पीएम मोदी ने आंकड़ों के जरिए भारत की बदलती तस्वीर पेश की. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 2 लाख के पार पहुंच गई है. उस वक्त भारत में सिर्फ 4 यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियां) थीं, लेकिन आज भारत में करीब 125 सक्रिय यूनिकॉर्न हैं. पीएम ने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और दुनिया हमारी सक्सेस स्टोरी को हैरानी से देख रही है.
नारी शक्ति ने संभाली कमान
प्रधानमंत्री ने ने स्टार्टअप जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विशेष प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि आज भारत के 45% से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है. महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को फंडिंग देने के मामले में भी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बन गया है. यह समावेशिता देश की क्षमता को कई गुना बढ़ा रही है.
भविष्य का रोडमैप तैयार
प्रधानमंत्री ने युवाओं को नया लक्ष्य दिया. उन्होंने कहा कि हमने डिजिटल और सर्विस सेक्टर में शानदार काम किया है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि हमारे स्टार्टअप्स मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस करें. पीएम ने आह्वान किया, “हमें दुनिया के बेस्ट क्वालिटी प्रोडक्ट्स बनाने होंगे और टेक्नोलॉजी में यूनिक आइडियाज के साथ लीड लेनी होगी.” उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ खड़ी है.







