
Mumbai Christmas Viral , 25 Dec : कहते हैं मुंबई एक ऐसा शहर है जो कभी सोता नहीं, लेकिन कभी-कभी यह शहर कुछ ऐसा कर जाता है कि पूरी दुनिया ठहरकर इसे देखने लगती है. इस बार मौका था क्रिसमस का, और जगह थी मुंबई का ऐतिहासिक 300 साल पुराना ‘सेंट थॉमस कैथेड्रल’. यहां हुए एक कार्यक्रम ने न सिर्फ चर्च में मौजूद लोगों का दिल जीता, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए पूरे देश को एकता और भाईचारे का एक बेहद खूबसूरत संदेश दे दिया.
चर्च में जब राष्ट्रगान की धुन गूंजी
क्रिसमस की एक विशेष संगीत संध्या की शुरुआत आम तौर पर धार्मिक गीतों या कैरल्स से होती है, लेकिन सेंट थॉमस कैथेड्रल में नजारा कुछ अलग था. कार्यक्रम की शुरुआत मशहूर ‘वाइल्ड वॉयस क्वायर इंडिया’ ने भारत के राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के साथ की.
जैसे ही क्वायर के सदस्यों ने अपनी सुरीली और गंभीर आवाज में राष्ट्रगान गाना शुरू किया, चर्च के ऊंचे मेहराबों के नीचे एक सन्नाटा छा गया. वहां मौजूद हर शख्स सम्मान में खड़ा हो गया. मशहूर फोटोग्राफर मैल्कम स्टीफंस ने इस भावुक पल को अपने कैमरे में कैद किया और जब इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया, तो यह देखते ही देखते वायरल हो गया. लोगों ने इस बात की जमकर तारीफ की कि कैसे ईसाइयत की परंपराओं और भारतीय राष्ट्रवाद का यह संगम इतना सहज और गरिमापूर्ण लग रहा था.
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा?
इंटरनेट पर इस वीडियो को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. लोग कह रहे हैं कि यह ‘विविधता में एकता’ का असली उदाहरण है. दर्शकों को क्वायर की सादगी और शालीनता ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया. इसमें कोई दिखावा नहीं था, बस एक गहरा सम्मान था.
कई यूजर्स ने लिखा कि भारतीय ईसाई समुदाय जिस तरह अपनी धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय पहचान को एक साथ लेकर चलता है, वह काबिल-ए-तारीफ है. राष्ट्रगान के बाद शाम धीरे-धीरे पारंपरिक क्रिसमस कैरल्स और भजनों में बदल गई, जिससे पूरा माहौल उत्सव और शांति के रंग में रंग गया.
ट्रेन में भी गूंजे क्रिसमस के तराने
मुंबई का क्रिसमस सिर्फ चर्चों तक सीमित नहीं है, यह तो अब सड़कों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक पहुंच गया है. हाल ही में ‘कैरल्स ऑन द ट्रेन’ नाम की एक अनोखी पहल ने लोकल ट्रेन के यात्रियों को हैरान कर दिया. वसई की रहने वाली संगीता एंजेला कुमार ने इसकी शुरुआत की.
संगीता, जो खुद एक वायलिन वादक हैं, ने अपनी 13 साल की बेटी जोए तेहिला और कुछ साथियों के साथ विरार से चलने वाली एसी लोकल ट्रेन में कैरल्स गाना शुरू किया. जब चलती ट्रेन में वायलिन की मधुर धुन पर ‘जिंगल बेल्स’ और क्रिसमस के भजन गूंजे, तो थकान से चूर यात्रियों के चेहरों पर भी मुस्कान आ गई. हालांकि, सार्वजनिक जगह पर इस तरह के धार्मिक आयोजन को लेकर कुछ लोगों ने चिंता भी जताई थी, लेकिन संगीता का यह सफर बिना किसी विवाद के प्यार और दुआओं के साथ पूरा हुआ.





