
श्रीनगर, 30 Sep : जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 2026 का शरदकालीन सत्र बुधवार को सात दिनों की कार्यवाही के बाद संपन्न हो गया। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने समापन संबोधन के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। सत्र 21 सितंबर को शुरू हुआ था और 30 सितंबर तक चला।
समापन संबोधन में स्पीकर राथर ने कहा कि पीठासीन अधिकारी के रूप में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी विधायकों को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने और अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों की अपेक्षाओं को सदन तक पहुंचाने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राजनीतिक संबद्धता से परे सभी सदस्यों को कार्यवाही में भाग लेने का अवसर देने का प्रयास किया।
राथर ने कहा कि विधानसभा के सत्र की अवधि बढ़ाए जाने से सदस्यों को बहस में अधिक समय मिलेगा और वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को बेहतर तरीके से उठा सकेंगे। उन्होंने माना कि सीमित बैठकों के कारण सभी सदस्यों को पर्याप्त समय देना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने विधायकों से सदन की कार्यवाही के दौरान पीठ के सामने आने वाली व्यावहारिक सीमाओं को समझने की अपील की।
मंत्रिपरिषद के कामकाज की सराहना
सत्र के दौरान हुए व्यवधान और तीखी बहस का उल्लेख करते हुए स्पीकर ने कहा कि विधानसभाओं में मतभेद और गर्मागर्म बहस होना सामान्य है, लेकिन सदस्यों को अपनी चिंताएं रचनात्मक तरीके से सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की अपनी चिंताओं और परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।



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